
बिलासपुर // दुर्गानगर एवं नेहरू चौक के पास स्थित लिंगियाडीह बस्ती में पिछले 50 वर्षों से रह रहे 113 परिवारों के घरों को तोड़कर गार्डन और कॉम्प्लेक्स बनाने की नगर निगम की योजना के खिलाफ सर्वदलीय धरना आंदोलन बुधवार को 11वें दिन भी जारी रहा। रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सैकड़ों महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग धरने पर बैठ रहे हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि इन परिवारों से वर्षों से संपत्ति कर सहित अन्य कर वसूले जा रहे हैं। पहले राजीव आवास योजना के तहत पट्टे भी दिए गए थे और जोन-7 द्वारा 10 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से प्रीमियम राशि लेकर रसीदें भी जारी की गईं। फिर भी अब इन्हें बेदखल करने की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
नौ माह पूर्व अपोलो अस्पताल के सामने रामनगर, श्यामनगर और चिंगराजपारा में सड़क-नाली के नाम पर सैकड़ों मकान-दुकानें तोड़ी जा चुकी हैं। अब मोपका, चिल्हांटी, चिंगराजपारा, बहतराई, खमतराई, बिरकोना, मंगला सहित आसपास की बस्तियों में भी तोड़फोड़ की आशंका जताई जा रही है।
बुधवार को साहू समाज ने बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचकर एकजुटता दिखाई। मुकुंद साहू, राजकुमार साहू, भोलाराम साहू, शिवकुमार साहू, कृष्णानंद साहू, संतोष साहू, सचिन साहू, शांति साहू, सरिता साहू, लक्ष्मीन साहू, सतरूपा साहू, पूर्णिमा साहू, विद्या साहू, शिवा साहू, सीता साहू सहित समाज के लोगों ने धरने में बैठकर समर्थन दिया।
इसके अलावा साखन लाल, पवनदास मानिकपुरी, चिंटू मानिकपुरी, श्रवण कुमार, प्रशांत मिश्रा, चतुर सिंह, रीता देवांगन, लक्ष्मी सिंह, यशोदा पाटिल, पिंकी गुप्ता, सचिन कश्यप, ओम प्रकाश सूर्या, दुर्गा कुर्रे, प्रमिला मानिकपुरी, सोनबाई ठाकुर, शिवकुमारी देवांगन और मधु यादव सहित विभिन्न वर्गों के लोग लगातार समर्थन दे रहे हैं।
वक्ताओं ने एक स्वर से मांग की कि जब तक इन परिवारों का उचित पुनर्वास नहीं हो जाता, उनके घर नहीं तोड़े जाएं। आंदोलन को सभी वर्गों और सामाजिक संगठनों का बढ़ता जनसमर्थन मिल रहा है।