न्यायिक व्यवस्था के ‘मौन नायक’ कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवास, हाईकोर्ट की सराहनीय पहल आवास सुविधा से बढ़ेगी कार्यकुशलता, न्यायिक कार्यवाहियों को मिलेगी गति: मुख्य न्यायाधीश


बिलासपुर :— दिनांक 14/12/2025 को उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायिक कर्मचारियों के लिए उच्च न्यायालय आवासीय परिसर, सेक्टर-2, बोदरी, बिलासपुर में नवनिर्मित I-टाइप आवासगृहों का लोकार्पण माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा किया गया एवं आबंटित आवास की चाबी संबंधित कर्मचारीगण को सौप दी गई। इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में व्यक्त किया गया कि यह केवल आवास का लोकार्पण समारोह नहीं है अपितु उच्च न्यायालय अपने इस प्रयास से उन लोगों के जीवन में खशी की एक उजली किरण जोड़ रहें हैं जो पर्दे के पीछे रहकर, हर दिन, हर सुबह बिना किसी चर्चा या बिना किसी प्रशंसा की अपेक्षा के इस न्यायिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में निरंतर मेहनत करते रहते हैं। माननीय महोदय के द्वारा इस बात को रेखाकिंत किया गया कि, किसी भी संस्थान की वास्तविक शक्ति उनके कर्मचारी होते हैं। जब कर्मचारी सुखी और संतुष्ट होते हैं तभी वे अपने पूरे मनोयोग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर पाते हैं। सुविधाजनक आवास सबसे बुनियादी आवश्यकताओं में से एक है। यह आधुनिक और सुविधाजनक आवास उच्च न्यायालय में कार्यरत कर्मचारियों के लिए उत्कृष्ट आवासीय विकल्प प्रदान करेगा जिससे कर्मचारी  एवं उनके परिवार के सदस्यों की आवास समस्या
दूर होगी एवं उच्च न्यायालय के समीप आवास उपलब्ध हो जाने से कर्मचारियों की उपस्थिति में नियमितता होने के साथ-साथ कर्मचारियों की कार्यकुशलता एवं सुविधा में वृद्धि होने से न्यायिक कार्यवाहियों को गति प्राप्त हो सके गा।
माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित कर्मचारी की वृद्ध दादी को मंच पर आमंत्रित कर पौधा प्रदान करते हुए सम्मानित किया तथा उनसे अनुरोध किया कि वे नवनिर्मित आवास में निवास करने वाले सभी परिवारों को सुखद एवं खशहाल जी ु वन हेतु आशीर्वाद प्रदान करें।उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व दिनांक 05/09/2025 को उच्च न्यायालय आवासीय परिसर, सेक्टर-2, बोदरी, बिलासपुर में H-टाईप के 80 मकान
न्यायालयीन कर्मचारियों को प्रदान किया गया था, इस क्रम में आज कुल 07 ब्लॉकों का लोकार्पण किया गया है, जिनमें प्रत्येक ब्लॉक में 16 यूनिट हैं। इस प्रकार कुल 112 I-टाइप आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है। प्रत्येक आवासगृह में 1 बेडरूम, किचन, मल्टीपरपज/यूटिलिटी रूम एवं 2 प्रसाधन कक्ष की सुविधा उपलब्ध है। सभी
ब्लॉकों में लिफ्ट एवं भूतल पर पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। यह भी उल्लेखनीय है कि माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा पदभार ग्रहण करने के पश्चात सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के दूर स्थ जिला मुख्यालय एवं बाह्य न्यायालयों का भ्रमण कर न्यायिक अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाओं का अभाव होने से पक्षकारों, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी एवं अधिकारियों को होने वाली असुविधा को दृष्टिगत रखते हुये दूर दर्शितापूर्ण एवं
सकारात्मक सोच के भागीरथी प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में न्यायिक अधोसंरचना से अभूतपूर्व विकास का कार्य हो रहा है।
लोकार्पण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय श्री न्यायाधीश पार्थप्रतीम साहू, माननीय श्रीमती न्यायाधीश रजनी दुबे माननीय श्री न्यायाधीश नरेन्द्र कुमार व्यास (अध्यक्ष उच्च न्यायालय भवन एवं अवास प्रबंधन समिति), माननीय श्री न्यायाधीश नरेश कुमार चन्द्रवंशी, माननीय श्री न्यायाधीश दीपक कुमार तिवारी, माननीय श्री न्यायाधीश सचिन सिंह राजपूत, माननीय श्री न्यायाधीश संजय कुमार
जायसवाल, माननीय श्री न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल, माननीय श्री न्यायाधीश अरविन्द कुमार वर्मा, माननीय श्री न्यायाधीश विभू दत्त गुरु एवं माननीय श्री न्यायाधीश
अमितेन्द्र किशोर प्रसाद उपस्थित रहे। उपरोक्त लोकार्पण कार्यक्रम का समापन अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रशासन) के
धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस कार्यक्रम में छ.ग. उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल एवं रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ न्यायिक एके डमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण, न्यायालयीन कर्मचारी एवं परिवार के सदस्य, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *