
बिलासपुर // शासकीय बहुदेशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर की अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के प्रभारी पद से पदोन्नत होकर प्राचार्य के रूप में सोन लोहर्षी में कार्यभार ग्रहण करने वाले डॉ. धनंजय पाण्डेय को लैब के पूर्व छात्रों ने भावपूर्ण विदाई दी। इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन वाई. श्रीनिवास का भी सम्मान किया गया। विदाई एवं सम्मान समारोह साउथ कैफे में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई। इसके बाद स्वस्तिक प्रजापति ने 2017 से अब तक एटीएल में छात्रों द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों एवं उपलब्धियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
तत्पश्चात पूर्व छात्रों— स्वास्तिक प्रजापति, मनीष यादव हरीश चौधरी, निखिल प्रजापति, तरुण मिश्रा,अनुराग कश्यप, गौरव लांजेकर, गौरव महतो, शुभम यादव, प्रकाश निर्मलकर,योगेश मानिकपुरी, अनिकेत, अतुल अग्रवाल, चिन्मय देव, मोहनीश ध्रुव, वाशु, अदीब अंजुम, दीपांशु देवांगन, पवन, सहित दुबई में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले, रूस में राष्ट्रपति पुतिन के समक्ष प्रस्तुति देने वाले, डाई डेक इंटरनेशनल तथा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (गोवा) में भाग लेने वाले छात्रों ने अपने उद्गार व्यक्त किए। सभी ने एटीएल में प्राप्त कौशल तथा उनके जीवन एवं करियर पर उसके सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला।
तरुण मिश्रा ने पुणे में आयोजित प्रोजेक्ट ग्रीन शील्ड प्रदर्शनी में ला डिसार्ट सिस्टम आधारित प्रोजेक्ट को याद करते हुए कहा कि डॉ. पाण्डेय के मार्गदर्शन में तैयार इस असाधारण प्रोजेक्ट को हर स्थान पर सराहना मिली। उन्होंने शिक्षक का आभार व्यक्त किया तथा निरंतर मार्गदर्शन की कामना की।
अनुराग कश्यप ने भी अपने गोवा में अटल कृषि मित्र प्रोजेक्ट को याद करते हुए बताया कि मेरा तबियत खराब रहने के बावजूद मैंने अपना सफल पूर्वक लक्ष्य को पूरा किया जो बहुत ही यादगार रहेगा।

डॉ. धनंजय पाण्डेय ने एटीएल की पूरी यात्रा का वृत्तांत सुनाया तथा इसे चरम पर पहुँचाने की प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज उनकी पहचान एटीएल के इन बच्चों के कारण है, जो उनके लिए गर्व एवं सुकून की बात है। गुरुदक्षिणा स्वरूप उन्होंने निजी एटीएल लैब की मांग की, जिसे सभी पूर्व छात्रों ने स्वीकार करते हुए इसे गुरुदक्षिणा के रूप में प्रदान करने का वचन दिया।

ग्रुप कैप्टन वाई. श्रीनिवास ने सफलता के लिए अनुशासन की अनिवार्यता पर बल दिया तथा छात्रों से एटीएल में सीखे कौशलों को स्टार्टअप के रूप में लागू करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में मनीष ने आभार प्रदर्शन किया। भोजनोपरांत पूर्व छात्रों ने 3डी प्रिंटर से निर्मित ऑस्कर प्रतीक चिन्ह डॉ. धनंजय पाण्डेय को स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया।
