
बिलासपुर (छत्तीसगढ़):— लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के 51वें दिन कांग्रेस नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अंकित गौरहा ने प्रशासन और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अपोलो अस्पताल के विस्तार या विकास के नाम पर 113 गरीब परिवारों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है, जिसे उन्होंने “बुलडोजर की राजनीति” करार दिया।
अंकित गौरहा ने कहा, “जो परिवार अपोलो अस्पताल बनने से पहले से ही यहां बसे हुए हैं, आज उन्हीं परिवारों को सड़क चौड़ीकरण के बहाने उजाड़ा जा रहा है।” उन्होंने सवाल उठाया कि विधायक, जो कल तक अपोलो अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज की उपलब्धता का श्रेय लेते थे, आज गरीबों को हटाने के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? ऐसा क्या चमत्कार हुआ है?
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी विकास योजना को बिना स्थानीय निवासियों की सहमति के लागू करना गलत है। आंदोलन केवल लिंगियाडीह तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य से जुड़ा हुआ है। गौरहा ने आरोप लगाया कि बिना वार्डवासियों, स्थानीय पार्षद की सहमति और उचित पुनर्वास योजना के नोटिस जारी करना संविधान एवं लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने इसे “कॉरपोरेट परस्ती और गरीब विरोधी सोच” का उदाहरण बताया।
वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने बताया कि पिछले 51 दिनों से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी है, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लिंगियाडीह की महिलाएं अपनी पीड़ा लेकर विधायक के पास पहुंचीं, तो उनके साथ बदसलूकी की गई। पार्षद ने कहा, “जो सत्ता महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकती, वह गरीबों का भविष्य कैसे सुरक्षित करेगी?”
इस अवसर पर यशोदा पाटिल, डॉ. रघु सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, युवा और महिलाएं मौजूद रहीं। आंदोलन स्थल पर नारेबाजी के साथ सभा आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
प्रशासन से मांग की गई है कि वार्डवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और जल्द समाधान निकाला जाए।