
नई दिल्ली :— गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने स्ट्रीट वेंडर्स और कर्तव्य पथ निर्माण में लगे श्रमिकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वेंडर्स और श्रमिक नए भारत की नींव हैं और वे राष्ट्र के वास्तविक भाग्य विधाता हैं। उन्होंने बताया कि इन वेंडर्स और श्रमिकों को गणतंत्र दिवस परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गणतंत्र दिवस अब केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जन-भागीदारी का राष्ट्रीय उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज नए भारत के केंद्र में गरीब, श्रमिक और वेंडर खड़े हैं। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई है।
श्री साहू ने PM स्वनिधि योजना की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक इस योजना के अंतर्गत 1 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिससे ₹16 हजार करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता स्ट्रीट वेंडर्स को मिली है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल ऋण नहीं, बल्कि वेंडर्स के सम्मान और स्वाभिमान का माध्यम है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के करकमलों से हाल ही में PM स्वनिधि लाभार्थियों को 30 हजार रुपए तक की सीमा वाले क्रेडिट कार्ड का वितरण प्रारंभ किया गया है। साथ ही सरकार ने इस योजना को मार्च 2030 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
डिजिटल इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज स्ट्रीट वेंडर्स QR कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहे हैं, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमाण है।
कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा परियोजना से जुड़े श्रमिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं सेवा, समर्पण और नई कार्य-संस्कृति की प्रतीक हैं तथा इन्हें आकार देने वाले श्रमिक ही राष्ट्र के सच्चे निर्माता हैं।
समापन में श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को दोहराते हुए 2047 तक एक सशक्त, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया।