जल संरक्षण और जनकल्याण योजनाओं का जमीनी निरीक्षण प्रभारी सचिव ने कोटा के दूरस्थ गांवों का किया दौरा


बिलासपुर // अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने आदिवासी बहुल कोटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बानाबेल, खैरझिट्टी और सेमीपाली का दौरा कर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन, मजदूरी भुगतान और स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी दौरे में साथ थे।।

          प्रभारी सचिव पिंगुआ ने ग्राम बानाबेल में मनरेगा अंतर्गत प्रगतिरत खैरी तालाब गहरीकरण कार्य का निरीक्षण किया। लगभग 9.50 लाख रुपए की स्वीकृति से संचालित इस कार्य में आज 36 मजदूर तालाब खुदाई में लगे हुए थे तथा अब तक लगभग 4 लाख रुपए का कार्य पूर्ण हो चुका है। पिंगुआ ने मौके पर मौजूद मजदूरों से चर्चा कर कार्य की प्रगति, मजदूरी भुगतान और कार्यस्थल की सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तालाबों का संरक्षण और संवर्धन ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से पेयजल, आजीविका और अन्य स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा की तथा अधिकारियों को आवश्यक पहल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने दारसागर में संचालित आदि सेवा केंद्र का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सेवाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

       पिंगुआ ने ग्राम खैरझिट्टी एवं सेमीपाली के बैगा मोहल्ला पहुंचकर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों से बातचीत कर आवास निर्माण की गुणवत्ता, सुविधाओं और योजना से मिले लाभ की जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट का भी जायजा लिया और सीएमएचओ को वाहन में स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान प्रभारी सचिव एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बैगा महिलाओं और बच्चों से आत्मीय संवाद किया। महिलाओं से उनकी आजीविका गतिविधियों और स्वावलंबन संबंधी प्रयासों की जानकारी ली, वहीं बच्चों से पढ़ाई और स्कूल गतिविधियों पर चर्चा कर उन्हें नियमित शिक्षा के लिए प्रेरित किया। दौरे के माध्यम से शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

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