
बिलासपुर। उस्लापुर स्थित न्यू वंदना हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा प्रणाली और त्वरित निर्णय से एक मरीज को नया जीवन दिया है। लता गांव, आमाडांड (बिलासपुर) के रहने वाले 56 वर्षीय मरीज,श्री आधार सिंह , जो गंभीर रूप से बीमार होने के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे, अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। मरीज को जब अस्पताल लाया गया था, तब उनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी। उन्हें बाएं हिस्से में कमजोरी (Left Hemiparesis), बोलने में लड़खड़ाहट (Slurring of Speech), मानसिक भ्रम और शरीर में अत्यधिक कमजोरी की शिकायत थी। जांच करने पर डॉक्टरों ने पाया कि मरीज **एक्ट्यूट हेमोरेजिक स्ट्रोक (Acute Hemorrhagic Stroke – दिमाग की नस फटना और खून का थक्का जमना)** से पीड़ित थे, जिसके साथ उनका ब्लड प्रेशर (BP) भी बढ़कर 190/110 mmHg तक पहुंच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यू वंदना हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. सी. एस. उइके (MD Medicine) और न्यूरोसर्जन डॉ. देवांश मिश्रा (MCH Neuro) की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। मरीज को आईसीयू (ICU) में रखकर उनकी स्थिति को स्थिर किया गया और फिर डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने सफलता पूर्वक क्रैनियोटॉमी सर्जरी (Evacuation of ICH Surgery)कर दिमाग में जमे खून के थक्के को बाहर निकाला। अस्पताल में चले बेहतरीन इलाज, आईसीयू केयर और नर्सिंग स्टाफ की चौबीसों घंटे की देखरेख के बाद मरीज की सेहत में तेजी से सुधार हुआ। डिस्चार्ज के समय मरीज पूरी तरह होश में थे और उनके शरीर के अंगों ने सामान्य रूप से काम करना शुरू कर दिया था। मरीज के बेटे सूरज सिंह और उनके पूरे परिवार ने न्यू वंदना हॉस्पिटल के डॉक्टरों, मैनेजमेंट और सपोर्ट स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा:”जब हम अस्पताल आए थे तो बेहद डरे हुए थे, लेकिन यहां के डॉक्टरों की काबिलियत और अच्छे व्यवहार ने हमारे मरीज को नई जिंदगी दी है। हम पूरे अस्पताल प्रबंधन के हमेशा आभारी रहेंगे।”
हॉस्पिटल प्रशासन ने मरीज को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ जीवन की कामना की है।