एसईसीएल में भू-जल संरक्षण पर मंथन, दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न


बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय में “ग्राउंड वाटर रेगुलेशन एंड कंट्रोल” विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) और केंद्रीय भू-जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भू-जल संरक्षण, जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा नियामकीय प्रावधानों की जानकारी देना था। समापन समारोह में कोल इंडिया लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक (पर्यावरण) सी. जयदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। खनन गतिविधियों के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग और जल का वैज्ञानिक प्रबंधन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। दो दिवसीय कार्यशाला में एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों से आए अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने भू-जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण (रीचार्ज), उद्योगों में जल के बेहतर उपयोग तथा भू-जल से जुड़े नियामकीय प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का भी विशेषज्ञों ने समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यपालक निदेशक सी. जयदेव ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। विशेषज्ञों ने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया। एसईसीएल ने इसे जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सतत एवं जिम्मेदार खनन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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