लोकतंत्र सेनानी सुरेंद्र मोहन को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई


बिलासपुर। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानी एवं मीसाबंदी सुरेंद्र मोहन ढोड़ी का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे ढोड़ी को शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार दयालबंद स्थित मधुबन मुक्तिधाम में किया गया। समता विहार कॉलोनी टिकरापारा निवासी सुरेंद्र मोहन ढोड़ी वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान मीसा के तहत जेल गए थे। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को देखते हुए राज्य शासन ने उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा दिया था। निधन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। छत्तीसगढ़ सरकार की नीति के अनुरूप उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर अंतिम यात्रा निकाली गई। मधुबन मुक्तिधाम में पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया। मृतक की पुत्री आकांक्षा तलेजा ने बताया कि उनके पिता ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था और सरकार द्वारा दिया गया यह सम्मान पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदियों के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत सम्मान निधि सहित अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। बिलासपुर जिले में इससे पहले भी कई लोकतंत्र सेनानियों को इसी प्रकार राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा चुकी है। अंतिम संस्कार कार्यक्रम के अवसर पर बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू, सीएसपी गगन कुमार, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी देवेश राठौर सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी–कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *