
बिलासपुर। करगीरोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के तीन वैगन डिरेल होने के मामले का रेलवे सुरक्षा बल ने खुलासा कर दिया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरपीएफ ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अब भी फरार है। आरपीएफ के अनुसार 13 जुलाई को दोपहर करीब 2:20 बजे करगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-2 की लाइन नंबर-3 पर एन-बॉक्स-914 खाली रैक के तीन वैगन पटरी से उतर गए थे। जांच में सामने आया कि रेलवे ट्रैक पर जेसीबी मशीन का भारी बकेट आ जाने के कारण यह हादसा हुआ। जांच में पता चला कि निजी ठेकेदार पवन नायक ने इंदौर से गाड़ी संख्या 18233 इंदौर–बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस के ए-1 कोच के माध्यम से कोच अटेंडेंट की मदद से जेसीबी का बकेट करगी रोड मंगवाया था। स्टेशन पर बकेट उतारने के बाद मजदूर उसे प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक मालगाड़ी आने पर मजदूर भारी बकेट ट्रैक पर छोड़कर हट गए, जिससे मालगाड़ी के तीन वैगन डिरेल हो गए। घटना के बाद आरपीएफ ने इंदौर से बिलासपुर तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इंदौर स्टेशन पर बकेट को ट्रेन में लोड किए जाने और बिलासपुर में संबंधित कोच अटेंडेंट से पूछताछ के बाद आरोपियों की पहचान हुई। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरपीएफ पोस्ट उसलापुर ने रेलवे अधिनियम के तहत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना, नरहर सिंह उर्फ पिंटू, देवा सिंह उर्फ मुन्ना, बुद्धू सिंह, छत्रपति मरावी, लोकेश मांडवी, अनुराग मरावी, अभिषेक यादव, कोच अटेंडेंट मोहम्मद शमीर और अमित यादव शामिल हैं। आरपीएफ के अनुसार, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी पवन नायक फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।