
बिलासपुर। विश्व हिंदू परिषद की ओर से रतनपुर के श्री सिद्धि विनायक मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय जिला अभ्यास वर्ग का समापन हुआ। अभ्यास वर्ग में धर्म, सामाजिक समरसता, सेवा कार्य और संगठन विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए आगामी वर्ष के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। जिले के दायित्ववान कार्यकर्ताओं के साथ प्रांत और विभाग स्तर के पदाधिकारी भी इसमें शामिल हुए।
अभ्यास वर्ग में रामोत्सव, स्थापना दिवस, दुर्गा अष्टमी, गोकुल अष्टमी, शौर्य दिवस, स्वामी श्रद्धानंद दिवस और समरसता दिवस सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई गई। 6 सितंबर से समरसता यात्रा, 27 सितंबर से 6 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम और 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा कार्यों की रूपरेखा तय की गई। नेत्रदान और देहदान के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने तथा शासकीय अस्पतालों में रोगी सहायता केंद्रों के माध्यम से सेवा गतिविधियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से प्रतिदिन अथवा अपनी सुविधा के अनुसार कम से कम 2 से 3 घंटे सेवा कार्य के लिए देने का आह्वान किया गया। अभ्यास वर्ग में 25 से 31 अक्टूबर तक सत्संग सप्ताह आयोजित करने, समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठन से जोडऩे, बजरंग दल के साप्ताहिक मिलन और 1 से 20 नवंबर तक प्रखंड सम्मेलनों के आयोजन पर चर्चा हुई। दिसंबर में 20 दिसंबर को गीता जयंती और 23 से 30 दिसंबर तक धर्म रक्षा दिवस के कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई। इसके अलावा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा, प्रशिक्षण वर्ग और ग्राम समितियों के गठन को लेकर भी चर्चा हुई। जिले में प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करने और सत्संग कार्य का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं के लिए चार सत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी बनाई गई। दुर्गा वाहिनी की प्रांत संयोजिका भारती सिंह ने दुर्गा अष्टमी के दौरान विभिन्न पूजा पंडालों में संपर्क बढ़ाने और कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी। उन्होंने धार्मिक आयोजनों के माध्यम से मातृशक्ति और युवतियों के बीच संगठनात्मक संपर्क मजबूत करने पर जोर दिया। विहिप के प्रांत अध्यक्ष डॉ. ललित माखीजा ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए केवल दायित्व प्राप्त कार्यकर्ताओं पर निर्भर रहने के बजाय प्रत्येक कार्यकर्ता को स्वयं पहल करनी चाहिए। उन्होंने नए लोगों और उनके परिवारों से संपर्क बढ़ाकर आत्मीय संबंध स्थापित करने तथा उन्हें संगठन से जोडऩे का आह्वान किया। समापन अवसर पर जिला अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता ने आगामी कार्यक्रमों को योजनाबद्ध तरीके से जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यास वर्ग में मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का असर कार्यक्षेत्र में दिखाई देना चाहिए। प्रांत मंत्री पूरनेन्द्र सिन्हा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संगठनात्मक विषयों पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री विक्रांत केशरवानी ने किया। संगठन विस्तार के तहत जिला विशेष संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी डॉ. संतोष गेमनानी को और सह प्रमुख का दायित्व डॉ. शशिकांत साहू एवं अनुपम दीवान शर्मा को दिया गया। वहीं जिला प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारी मोहन होनाप को सौंपी गई। अभ्यास वर्ग के समापन पर कार्यकर्ताओं ने आगामी योजनाओं को जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया। दो दिवसीय आयोजन से कार्यकर्ताओं में सेवा, संगठन विस्तार और समाज के बीच निरंतर संपर्क बढ़ाने को लेकर नई ऊर्जा का संचार हुआ।