
बिलासपुर। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि विभिन्न थाना क्षेत्रों में सामने आए साइबर अपराधों के आधार पर पता चला कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। साइबर अपराध का शिकार केवल कम पढ़े-लिखे लोग ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षित व जागरूक माने जाने वाले लोग भी हो रहे हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि एक सेवानिवृत्त इंजीनियर के साथ हुई साइबर ठगी का उदाहरण देते हुए बताया कि साइबर ठग किस प्रकार विश्वास में लेकर शिक्षित लोगों से भी बड़ी रकम ठग लेते हैं। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना का भी उल्लेख किया। उस समय वे उनके पैसे वापस नहीं करा पाए, लेकिन वर्तमान में साइबर अपराध से पीडि़त लोगों की समस्याओं के समाधान व ठगी की रकम वापस दिलाने के प्रयासों में पुलिस को कई सफलताएं प्राप्त हुई हैं। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान को व्यापक रूप से आगे बढ़ाते हुए अटल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों व उपस्थित लोगों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराध, साइबर ठगी के नए तरीकों व उससे बचाव के व्यावहारिक उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। युवाओं को फर्जी लिंक, फर्जी ऋण, संदिग्ध वेबसाइट एवं अनजान डिजिटल संदेशों से सावधान रहने की जानकारी दी। युवाओं की जल्दबाजी, लालच, डर व बिना सत्यापन के किसी लिंक पर क्लिक करना साइबर ठगी का कारण बन सकता है। उन्होंने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी व बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने, संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल शिकायत करने की सलाह दी। विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान न करें। भुगतान करने से पहले क्यूआर कोड एवं संबंधित जानकारी की अच्छी तरह जांच करें। उन्होंने साइबर सुरक्षा से संबंधित उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन एवं संसाधनों की जानकारी भी दी, जो गुगल प्ले स्टोर उपलब्ध है। कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल ने भी साइबर अपराध की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए अपने करीबियों के साथ हुई साइबर फ्रॉड की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल लेन-देन व ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहना आवश्यक है। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों व कर्मचारियों से स्वयं साइबर जागरूक बनने, अपने परिवार, मित्रों व परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।