
जिले के उमरिया दादर निवासी 63 वर्षीय लखन सिंह लंबे समय से मधुमेह (शुगर) और कैंडिडियासिस नामक त्वचा रोग से पीड़ित थे। वे पिछले पांच वर्षों से गनियारी अस्पताल में उपचार करा रहे थे, लेकिन लगातार इलाज के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल रही थी। मधुमेह के कारण उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन भी लेने पड़ते थे। गांव से अस्पताल तक पहुंचकर नियमित जांच और उपचार कराना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।
उमरिया दादर गांव के ग्रामीणों को मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) का लाभ मिला। गांव में ही स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा मिलने पर लखन सिंह ने एमएमयू में नियमित रूप से अपनी जांच कराना शुरू किया। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार लगातार उपचार और फॉलोअप से उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार आने लगा।
नियमित उपचार के बाद लखन सिंह का कैंडिडियासिस पूरी तरह ठीक हो गया। वहीं उनका मधुमेह भी अब नियंत्रित स्थिति में है। पहले जहां उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें इंसुलिन इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्हें नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार, स्वच्छता बनाए रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं फॉलोअप कराने की समझाइश दी गई। गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवा लोगों के जीवन में बदलाव ला रही है। एमएमयू के माध्यम से अब दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव के करीब ही जांच, उपचार और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श मिल रहा है।