
बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में ‘राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में संघ के सह-सरकार्यवाह एवं मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने राष्ट्र निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल शासन-प्रशासन के प्रयासों से नहीं हो सकती, बल्कि प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यबोध और सहभागिता से ही समाज मजबूत होता है। संगोष्ठी में राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और नागरिक दायित्वों जैसे विषयों पर विचार रखे गए। डॉ. कृष्ण गोपाल ने संघ की स्थापना से वर्तमान तक की यात्रा का उल्लेख करते हुए संगठन, सेवा और व्यक्ति निर्माण से जुड़े कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना और आपसी सद्भाव को मजबूत करना राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका और परिवार व्यवस्था के महत्व पर भी चर्चा हुई। भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ सामाजिक एकता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई। वक्ताओं ने कहा कि नागरिक अपने दैनिक जीवन में अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। संगोष्ठी में सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव, प्रांत जनजातीय कार्य प्रमुख सतीश गोकुल पंडा, विभाग संघचालक राजकुमार सचदेव, नगर संघचालक प्रदीप शर्मा, विभाग प्रचारक गणेश साहू सहित प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता के संकल्प के साथ हुआ।