
बिलासपुर । टिकरापारा स्थित प्रभु दर्शन भवन में ब्रह्माकुमारी मुख्यालय के कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट से आए वरिष्ठ आर्किटेक्ट शेखर भाई का ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी एवं बहनों ने तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। शेखर भाई ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में सच्चाई बहुत जरूरी है। यदि मन में छल-कपट, ईष्र्या और द्वेष न हो और हम सच्चे दिल से परमात्मा को याद करें, तो जीवन में खुशी और शांति का अनुभव होने लगता है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन का सतसंग ज्ञान मुरली केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उसकी अच्छी बातों को जीवन में अपनाना चाहिए। समराला, पंजाब मूल के शेखर भाई ने थापर कॉलेज से आर्किटेक्चर की पढ़ाई की और गोल्ड मेडल प्राप्त किया। वर्ष 2010 में माउंट आबू में प्रभु मिलन के बाद उन्हें ईश्वरीय सेवा में समर्पित होने की प्रेरणा मिली। वर्ष 2011 से वे कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शेखर भाई ने बताया कि आबू में सेवा के दौरान उन्हें तपस्वी दीदीयों के लिए वरदानी भवन व अनेक भवनों के निर्माण सहित विभिन्न सेवाओं में योगदान देने का अवसर मिला। वर्ष 2012 में गुलजार दादी जी से पहली मुलाकात में उन्हें सदा खुश रहो का वरदान मिला। उन्होंने कहा कि दादी जी के इस वरदान को उन्होंने अपने जीवन में हमेशा याद रखा और हर परिस्थिति में खुश रहने का प्रयास किया। उन्होंने जानकी दादी जी के जीवन का उदाहरण देते हुए ईश्वरीय महावाक्यों के प्रति प्रेम और सच्चाई को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब मन साफ और सच्चा होता है, तो परमात्मा का प्यार और खुशी सहज महसूस होती है। इस अवसर पर बीके मंजू दीदी ने कहा कि परमात्मा का संग ही सच्चा सत्संग है। परमात्मा की याद में रहने से मन हल्का और खुश रहता है। उन्होंने कहा कि सेवा के साथ अपनी सोच, व्यवहार और जीवन की अच्छी धारणाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। मंजू दीदी ने सभी को घर और सेवाकेंद्र में प्यार एवं नम्रता से बोलने, मधुर व्यवहार रखने तथा सेवा को खुशी के साथ करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सेवा ऐसी हो जिससे स्वयं के साथ दूसरों को भी खुशी मिले। दीदी ने बतलाया कि शेखर भाई राजकिशोर नगर सेवाकेंद्र के नए भवन निर्माण, हॉल की व्यवस्था के संबंध में मार्गदर्शन देने बिलासपुर पहुंचे हैं। इस दौरान राजकिशोर नगर सेवाकेंद्र में उनकी विशेष क्लास भी आयोजित है।