नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व पर केंद्रीय मंत्रिमंडल का प्रस्ताव ऐतिहासिक: तोखन


बिलासपुर। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण करने के अवसर पर पारित प्रस्ताव को केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का अभिनंदन नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, जनविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना का सम्मान है। श्री साहू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में 7 अक्टूबर को ऐतिहासिक और भारत लोकतंत्र की शक्ति का परिचायक बताया गया है। प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राष्ट्र के लिए समर्पित भाव, साफ नीयत और स्पष्ट नीतियों के साथ जनसेवा की जाए तो जनता निरंतर समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के संवैधानिक दायित्व को ‘‘पद से भी आगे सेवाभाव से नि:स्वार्थ कर्म की अनवरत यात्रा’’ के रूप में रेखांकित किया गया है। पद बदले, दायित्व बढ़े और परिस्थितियां बदलीं, लेकिन राष्ट्रसेवा का कर्मयोग निरंतर चलता रहा। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रस्ताव का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “स्वयं से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि रखा है, उन्होंने अपने सपनों को राष्ट्र के सपनों के साथ आत्मसात करके जीने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री साहू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेवा-यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री और 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभाला। इस पूरे कालखंड में राष्ट्रहित, जनसेवा और स्पष्ट निर्णय उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताएं रही हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव इस बात को भी रेखांकित करता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राथमिकता, निर्णय और नीतियों का केंद्र राष्ट्रहित रहा है। 25 वर्षों की यह यात्रा जनविश्वास और निरंतर सेवा के माध्यम से लोकतंत्र में नेतृत्व की शक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करती है। केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह प्रस्ताव राष्ट्र प्रथम की विचारधारा, नि:स्वार्थ सेवा और कर्मयोग का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह आने वाली पीढय़िों के लिए जनसेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा बनेगा।

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