
बिलासपुर। किसानों की लंबित मांगों और कृषि संबंधी समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ के आह्वान पर प्रदेश के 33 जिलों में किसानों ने आंदोलन किया। जिला मुख्यालयों में किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’ निकाली और मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की। भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों को लंबे समय से धान की बकाया राशि, खाद की किल्लत, फसल का उचित मूल्य, धान खरीदी में अतिरिक्त तौल, सिंचाई और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने 2022-23 की धान खरीदी की करीब 1700 करोड़ रुपए की लंबित राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की। किसान संघ ने धान के लिए 3358 रुपए प्रति क्विंटल की मांग पर सरकार से स्पष्ट निर्णय लेने तथा धान के अलावा अन्य फसल लेने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपए प्रति एकड़ लाभ देने की मांग की। धान खरीदी में प्रति तौल 40 किलो 700 ग्राम से अधिक वजन नहीं लिए जाने और छोटे व सीमांत किसानों को टोकन व्यवस्था में पूरी उपज बेचने का अवसर देने की मांग भी उठाई गई। बिलासपुर में प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर, प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दिघ्रस्कर, जिलाध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद साहू सहित पदाधिकारी, तहसील अध्यक्ष-मंत्री और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष किसान शामिल हुए। इसके अलावा गन्ना किसानों को 150 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि देने, गन्ने को कृषक उन्नति योजना से जोडऩे और भुगतान समय पर करने की मांग की गई। खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई, निर्धारित दर पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने तथा हाल की बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संघ ने अरपा-भैंसाझार सहित अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग करते हुए कहा कि केवल आश्वासन से किसानों की समस्याएं दूर नहीं होंगी। मांगों पर समयबद्ध निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई।