श्रमिक परिवार की बेटी आरती के सपनों को मिला संबल

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बिलासपुर/आर्थिक परिस्थितियां कई बार बेटियों के सपनों की राह में बाधा बन जाती हैं, लेकिन शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दे रही हैं। बिलासपुर की आरती कश्यप भी ऐसी ही एक बेटी हैं, जिनके सपनों को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से नया संबल मिला है। श्रमिक परिवार से आने वाली आरती को योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इस सहयोग से उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिला है।
आरती कश्यप का सपना खूब पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना और माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करना है। परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के बीच शासन से मिली सहायता उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आरती ने बताया कि हर बेटी चाहती है कि वह अच्छी शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़े और अपने परिवार का सहारा बने। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार इन सपनों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में शासन की यह सहायता उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनी है। आरती का कहना है कि इस सहयोग से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देकर अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं। श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक परिवारों की पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल देकर उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह आसान बनाना है। इससे बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
आरती कश्यप की कहानी बताती है कि समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता किस तरह किसी बेटी के सपनों को नई उम्मीद दे सकती है। आरती के लिए यह राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और लगन से जीवन में कुछ कर दिखाने का हौसला भी है। वे पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनना और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना उनके इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में मददगार बनी है।

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