नगरीय निकायों में अब तक 26 संस्थानों का किया गया निरीक्षण


बिलासपुर // कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर जिले को बाल श्रम मुक्त किये जाने की दिशा में पहल करते हुए श्रम विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत संयुक्त रूप से श्रम विभाग,महिला बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग द्वारा संस्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है,और नियोजकों को बाल श्रम अधिनियम के विषय में जानकारी दी जा रही है।
राष्ट्रीय बाल श्रम एवं छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के संयुक्त योजना के अनुसार बाल श्रमिक अधिनियमश् 1986 के अंतर्गत 1 जून 2024 से 30 जून 2024 तक बिलासपुर जिले के सभी नगरीय निकायों में सघन निरीक्षण करने जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्रतिदिन श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम निरीक्षण कर रही है। 03 जून 2024 तक 26 संस्थानों का निरीक्षण किया गया है। बाल श्रमिक नियोजित पाये जाने पर न्यूनतम 20 हजार रूपये तथा 6 माह से 2 वर्ष के कारावास का प्रावधान है।
सहायक श्रमायुक्त आर.के.प्रधान ने बताया कि जिले को बाल श्रम मुक्त किया जाना सुनिश्चित किया गया है जिसके तहत 1 जून से 30 जून तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नियोक्ताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में बाल श्रम नियोजित न करें ये दंडनीय अपराध है।
उल्लेखनीय है कि बाल श्रमिक अधिनियम 1986 के तहत् वर्तमान में बाल श्रम (14 वर्ष तक) तथा खतरनाक उद्योगों में (18 वर्ष तक) पूर्णतः प्रतिबंध है ।

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