दीपावली से पहले जिला पंचायत कर्मचारियों ने ट्रांसफर लिस्ट के बाद मनाया जश्न


बिलासपुर :— दीपावली के एक दिन पहले ट्रांसफर सूची जारी होने के बाद जिला पंचायत कर्मचारियों ने जश्न मनाया। सभापति अंकित गौरहा ने सभी का मुंह मीठा कर दीपावली की बधाई दी,साथ ही शासन के आदेश का स्वागत किया। अंकित गौरहा ने कहा कि दीपावली के एक दिन पहले हमेशा की तरह लोगों से मिलना जुलना होता है। मिठाई का वितरण किसी प्रायोजन को लेकर नहीं किया जा रहा है। इस खुशी के मौके को स्थानांतरण सूची जारी होने से जुड़ा नहीं देखा जाना चाहिए। हां यह सच है कि हमने सामान्य सभा में सीईओ से समन्वयक को हटाए जाने को लेकर कहा था लेकिन यह सामुहिक फैसला था।

दीपावली के दो दिन पहले जिला पंचायत सीईओ आरपी चौहान का शासन ने स्थानांतरण कर दिया है। इस बात को लेकर पंचायत कर्मचारियों और नेताओं ने खुशी का इजहार किया है। दीपावली के ठीक एक दिन पहले सभी ने एक दूसरे का मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। सभापति अंकित गौरहा ने कर्मचारियों के बीच मिष्ठान का वितरण किया।

मामले में अंकित गौरहा ने कहा कि जिला पंचायत में दीपावली मिलन और एक दूसरे को बधाई देने की पुरानी परम्परा है। हमेशा की तरह इस बार भी हमने अपने सहयोगियों के बीच मिष्ठान का वितरण किया है। मुंह मीठा कराने के साथ दीपावली की शुभकमानाएं दी है। ऐसा समझना ठीक नहीं होगा कि सीईओ के स्थानांतरण की खुशी में मिष्ठान का वितरण किया जा रहा है।

अंकित ने कहा कि हां यह सच है कि सीईओ के संरक्षण में जिला पंचायत में भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा था। हमने साथियों के साथ मामले की शिकायत कलेक्टर से भी की है। लेकिन प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यहां तक कि जिला पंचायत सीईओ ने स्वच्छ भारत मिशन के नियम और निर्देशों का मजाक बनाकर रखा। पूनम तिवारी संविदा कर्मचारी हैं..बावजूद इसके उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन में जमकर भ्रष्टाचार किया । पूनम तिवारी ने पंचायतों से ठोस तरल और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए खरीदी गयी सामाग्रियों के बिल भुगतान के लिए दस प्रतिशत की मांग करती है। इतना ही नहीं सीईओ को अवगत कराया गया कि शासन का आदेशानुसार 1 नवम्बर 2020 स्वच्छ भारत मिशन का भुगतान स्टेट नोडल एकाउंट से किया जाना है। बावजूद इसके सीईओ के आदेश पर भुगतान जिला पंचायत और जनपद पंचायत के खातों से किया गया। ऐसा किया जाना ना केवल आदेश का उल्लंघन है बल्कि भ्रष्टाचार का स्पष्ट प्रमाण भी है।

अंकित ने बताया कि बहरहाल सीईओ सरकारी कर्मचारी हैं…उन्हें नई नई जिम्मेदारी मिलना निश्चित है। स्थानांतरण एक सामान्य प्रक्रिया है। इसलिए मिठाई वितरण को ट्रांसफर से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। हालांकि यह बात अलग है की जिला पंचायत के सदस्यों और कर्मचारियों में जमकर खुशी है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य गोदारीबाई कमलसेन,किरण यादव,मीनू सुमंत यादव,गोविंद यादव,सचिन धीवर व जिला पंचायत के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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