
को इस विषय पर गंभीर होते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र ही कड़ाई से लागू करने की मांग जा रही है परन्तु दुर्भाग्यजनक है कि अब तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नही हो पा रहा है। संस्थापक संरक्षक एवं रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार श्री शंकर पाण्डे ने भी कहा कि सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और पत्रकार सुरक्षा कानून को कड़ाई से लागू करना चाहिये। सभा में नहीं पहुंच पाये वरिष्ठ पत्रकार सर्वश्री हबीब खान, ज्ञान अवस्थी एवं विजय कुमार ओझा ने भो घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्वर्गीय मुकेश चन्द्राकर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शीघ्र ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की। बरिष्ठ पत्रकार अवध मिश्रा एवं श्रीमती मीना मिश्रा ने कहा पत्रकारों के साथ नित्य हो रही हिंसक घटनाएं चिंताजनक है, सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिये ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ घटित न होने पाए। वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र वर्मा ने घटना की निंदा करते हुए कहा, कि शासन को चाहिये कि पकड़े गये आरोपियों से वास्तविकता का पता लगाएँ एवं अपराधी को कड़ी सजा दिलायें।
वरिष्ठ पत्रकार तपन गोस्वामी ने कहा- पत्रकार अपनी कलम से विसंगतियों को समाज के सामने लाने का काम करता है जिसकी वजह से पत्रकार के दोस्त कम और दुश्मन ज्यादा होते है, यह स्वाभाविक है इसलिए हमे सावधान रहने की आवश्यकता है। दोषीयों को कड़ी सजा मिलनी चाहिये।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष देवदत्त तिवारी ने कहा- पत्रकारों को लोक तंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है, परन्तु पत्रकारों की सुरक्षा और बेहतर जीवन के प्रति सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। सरकार को इस विषय में गंभीर होना चाहिये और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून कड़ाई से लागू करना चाहिये। आगे कहा कि दोषी वर्ग को कड़ी सजा दिलाने के साथ स्वर्गीय मुकेश चंद्राकर के परिवार को राहत के रूप
में उचित मुआवजा दिया जाना चाहिये। यह भी
कहा इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है ताकि अपराधी बेनकाब हो सकें और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनोज श्रीवास्त, प्रदेश सचिव ध्रुव कुमार चन्द्रा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्या श्रीमती सृष्टि सिंह एवं भारती यादव ने भी इस विषय पर अपने विचार रखते हुए दोषी वर्ग को कड़ी सजा दिलाये जाने की बात कही।
प्रदेश महासचिव प्रकाश चन्द्र अग्रवाल एवं प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव ने भी अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी पत्रकारों को एकजुट होकर अपनी सुरक्षा और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ना होगा। यदि एकजुट नहीं रहेंगे तो हमारे साथ ऐसी परिस्थितियां निर्मित होती रहेंगी। उन्होने अपील करते हुए कहा प्रदेश के सभी पत्रकार साथियों और सभी संगठनों को एक साथ मिलकर पत्रकार हित की लड़ाई लड़ने समय है, ताकि प्रदेश में कड़ाई से पत्रकार सुरक्षा कानून लागु कराने में सफल हो सकें।
संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी संतोष मिश्रा ने कहा पत्रकारों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए और एकता का प्रदर्शन करना चाहिए। एकता में ही ताकत है।
शोक सभा में मुख्य रूप से उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष देवदत्त तिवारी, प्रदेश महासचिव प्रकाश चन्द्र अग्रवाल,प्रदेश सचिव ध्रुव चन्द्रा, जिला संरक्षक सुरेंद्र वर्मा,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रतीक मिश्रा,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भूपेंद्र पाण्डेय, प्रदेश मीडिया प्रभारी संतोष मिश्रा, जिला प्रभारी ललित गोपाल, अजय द्विवेदी जी, तपन गोस्वामी (वरिष्ठ पत्रकार), कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव, संभागीय मीडिया प्रभारी तरुण मिश्रा, धरमेन्द्र कुमार जी, चिरंजीव यादव जी , जितेन्द्र जी,अमीर खान जी, प्रांजल आनंद जी, दीपक कुमार जी , मोहम्मद रज्जब जी, नोमेश तिवारी जी, निर्मल कुमार जी आदि पत्रकार साथीगण उपस्थित थे।