बिलासपुर: शहर की शांत प्रिय जनता वाहन चेकिंग अभियान से त्रस्त, पुलिस मस्त !

वरिष्ठ पत्रकार देवदत्त तिवारी की कलम से 
अपने अधिकारों प्रति जन जागरुकता जरूरी
बिलासपुर: इन दिनों बिलासपुर की सीधी साधी जनता पुलिस के निजात अभियान के नाम पर चल रहे चेकिंग से उबर भी नहीं पाई है कि वहीं, शहर के चौक चौराहे के अलावा बीच सड़क पर वाहन जांच के नाम पर चल रहे पुलिस की अवैध वसूली से त्रस्त हो चुकी है ! चेकिंग पाइंट कहीं भी बना दिया जा रहा है और सफेद और खाकी वर्दीधारी सीधे साधे वाहन चालकों को रोककर अपनी वर्दी का रौब दिखाने में जरा भी कोर कसर बाकी नहीं रख रहे ! निर्मित परिस्थिति में जनता तो परेशान हो ही रहीं हैं इसके आलावा यातायात भी प्रभावित होते देखा जा सकता है जिससे पुलिस को कोई मतलब नहीं है ! पुलिस के द्वारा किये जा रहे वाहन जांच अभियान का माप दंड, पूरा नियम सार्वजनिक हो , इसके लिए राजनीतिक दलों एंव सामाजिक संस्थाओं को आगे आकर कोई ठोस पल किया जाना चाहिए ताकि आम जनता को अपने अधिकार और वाहन जांच में शामिल पुलिस के अधिकारों और नियम कायदे की जानकारी हो सके ! इसी कड़ी में 5 अगस्त को सुबह 11 बजे से 2-3 घण्टे तक रिंग रोड नं. 2 में न्यूरो हास्पिटल व भार्गव यूरोलॉजी सेंटर के पास पुलिस द्वारा किए जा रहे वाहन जांच में दोपहिया वाहन सवारों को काफी परेशानियों का सामना करते देखा गया ! इस दौरान कई वाहन सवार भागने की फिराक में गिरकर चोटिल भी होते देखे गए!!
हमारे दिलों दिमाग के अलावा निश्चित ही आम जनता के मन मस्तिक में भी कुछ नीचे लिखे सवाल बिजली की भांति जरूर कौंध रहे होंगे जिसका जवाब पुलिस के आला अफसरों को सार्वजनिक किया जाना जन जानकारी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा ! पुलिस को अधिकार है, कि वह रोके गये वाहन की चाबी निकालकर अपनी जेब में रखे ! भागते हुए वाहन सवारों को रोकने बल प्रयोग करे ! शहर में यातायात बाधित होने वाले स्थानों पर अपना चेकिंग प्वाइंट बना सकें ! वाहन चेकिंग दल में आरक्षको के अलावा किस स्तर के अधिकारी का होना अनिवार्य है इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए !!

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