
रायपुर // राहुल गांधी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाने वाला संगठन सृजन कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का आजकल सर्वोच्च प्राथमिकता का काम माना जा रहा है और यह संगठन कार्यक्रम हर कांग्रेसी के जुबान पर है और होगा भी क्यों नहीं क्योंकि राहुल गांधी यह मान रहें है कि जब तक संगठन में भाजपा से लड़ सकने वाला व्यक्ति के हाथ में कमान नहीं होगा तब तक छत्तीसगढ़ में होने वाला 2028 का विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी जीत नहीं पायेगी ।क्योंकि अब तक ऐसा माना जाता रहा है कि पार्टी को 2003,2008 और 2013 के चुनाव में शिकस्त इसलिये मिला कि पार्टी का एक बहुत बड़ा धड़ा भाजपा के इशारे पर कांग्रेस को नुकसान करते आ रहा था लेकिन जब पार्टी ने पूरी एकजुटता से 2018 का चुनाव लड़ा तो उसे ऐतिहासिक जीत मिलने से कोई रोक नहीं सका क्योंकि भाजपा को अब तक मदद करते आ रहा कांग्रेस का एक धड़ा पार्टी से बाहर किया जा चुका था ।
कांग्रेस पार्टी के सर्वोच्च नेता श्री राहुल गांधी का ऐसा मानना है कि पार्टी यदि पूरी एकजुटता और ईमानदारी से लड़े तो कांग्रेस पार्टी के विजय रथ को कोई रोक नहीं सकता इसीलिये उन्होंने पार्टी में ऐसे लोगों को कमान संभालने के लिए संगठन सृजन कार्यक्रम में बतौर ऑब्जर्वर लगाया जो उनके टीम के अहम सदस्य हैं और भाजपा और संघ से हर कीमत पर लड़ते रहें है ।बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण और शहर के लिये उन्होंने मध्यप्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष फायर ब्रांड आदिवासी नेता श्री उमंग सिंघार को भेज कांग्रेसियों का नब्ज टटोलने का जिम्मा दिया परिणाम उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता से अध्यक्ष चयन का काम बखूबी किया।
दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव श्री के.सी.वेणुगोपाल को सौपें रिपोर्ट में उन्होंने बिलासपुर जिला ग्रामीण अध्यक्ष और शहर अध्यक्ष के लिये रणनीतिक रूप से 2028 के विधानसभा चुनाव जीतने को प्राथमिकता रखते हुये नामों का सुझाव दिया है चूँकि चुनावी महारथियों का मानना है कि 2023 के चुनाव में बिलासपुर जिले (शहर व ग्रामीण )के छै विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस मात्र दो विधान सभा क्षेत्र में ही सफलता पाई इसका एक मात्र कारण महिलाओं का वोट कांग्रेस को नहीं मिल पाना माना जा रहा है और यही नहीं उच्च जातियों का वोट भी कांग्रेस को नहीं मिलना माना जा रहा है ,इसलिये ऐसा माना जा रहा है कि इस बार शहर अथवा ग्रामीण कमेटी में से एक में किसी तेज तर्रार महिला नेत्री को कमान सौंपा जा सकता है।
दिल्ली के उच्च पदस्थ सूत्रो की माने तो जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण को महिला के लिये आरक्षित करने की दशा में मस्तूरी क्षेत्र के तेज तरार महिला नेत्री श्रीमती किरण तिवारी का नाम तय माना जा रहा है हालांकि जिले के कांग्रेस जनों के लिये यह नाम पूर्ण परिचित नहीं माना जा रहा है पर जिस दमखम से उन्होंने पर्यवेक्षक के सामने सैकड़ों महिलाओं के साथ अपना पक्ष रखा तथा प्रदेश के दो दिग्गज नेताओं ने पार्टी के संगठन महासचिव को इस नाम का सुझाव दिया वह चौकाने वाला था यही नहीं अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की ओर से उनका नाम बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष के लिये जब भेजा गया तो ख़ुद संगठन महासचिव श्री वेणुगोपाल चौकें पर महिला कांग्रेस के रणनीतिक सुझाव को स्वीकार करने में उन्होंने जरा भी गुरेज नहीं किया ।पर किन्हीं जातिगत समीकरण अथवा राजनीति रणनीति के तहत निर्णय हुआ तो ग्रामीण अध्यक्ष के लिये तखतपुर विधान सभा सीट से पूर्व प्रत्याशी रहे ठाकुर आशीष सिंह का नाम तय माना जा रहा है,ऐसी स्थिति में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए पिछड़े वर्ग साहू समाज के सौम्य चेहरा श्री विनोद साहू का ताजपोशी होगा।
बिलासपुर संभाग के जिला मुंगेली में श्री घनश्याम वर्मा को रिपीट किया जा सकता है तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत के प्रभाव वाले जिला जांजगीर -चांपा में श्री राजेश अग्रवाल तथा शक्ति जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर श्रीमती रश्मि गबेल का नाम तय माना जा रहा है ताकि कांग्रेस पार्टी पर महिला मतदाताओं का भरोसा क़ायम किया जा सके।छत्तीसगढ़ से एक मात्र सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत के संसदीय क्षेत्र के जिला जी पी एम में जिले के कद्दावर नेता श्री मनोज गुप्ता को अध्यक्ष पद से नवाजा जा रहा है,श्री गुप्ता पूर्व में भी अध्यक्ष का पद संभाल चुके है पर तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नाराजगी के चलते उन्हें जी पी एम जिले के अध्यक्ष पद से उन्हें हटाया गया था पर उनकी लोकप्रियता और जमीनी पकड़ को देखते पुनः उनकी नियुक्ति किया जा रहा है। बताया जाता है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा भेजे गये सर्वेक्षणों में भी इन्ही कांग्रेस जनों का नाम रणनीतिक तौर सामने आया था !
30 अक्टूबर की शाम को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नियमित प्रेस ब्रीफिंग में इन नामों की घोषणा हो सकती है तथा 8 नवंबर को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में इन नवनियुक्त अध्यक्षों का दो दिवसीय प्रक्षिण कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें इन्हें संघ और भाजपा से लड़ने तथा पार्टी के अंदर सामंजस्य व समन्वय स्थापित कर संगठन की मजबूती के लिये कार्य करने का संकल्प दिलाया जायेगा ।