CGSLSA एवं CSJA के संयुक्त प्रयास से लीगल एड डिफेंस कौंसिल का प्रशिक्षण सफल


बिलासपुर :— छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (CGSLSA) द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी (CSJA) के सहयोग से लीगल एड डिफेंस कौंसिल के लिए एक दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रोग्राम का तीसरा छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, ने कहा कि लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम न्याय तक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत प्रदत्त संवैधानिक जनादेश को साकार करता है।
मुख्य न्यायाधीश ने चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल और डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंचितों को दी जाने वाली विधिक सहायता की गुणवत्ता न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता को सीधे प्रभावित करती है। उन्होंने प्रतिभागियों से सक्रिय भागीदारी, अनुभव साझा करने और व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा करने का आह्वान किया। उद्घाटन सत्र में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण — न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायमूर्ति रजनी दुबे, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल, न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा, न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में राज्य भर से चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल एवं डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल सहित कुल 74 प्रतिभागियों ने भाग लिया। स्वागत भाषण छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक द्वारा दिया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *