
जांजगीर-चांपा। किसान के लिए उसकी फसल केवल अनाज नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीद और सालभर की मेहनत का परिणाम होती है। लेकिन अकलतरा विकासखंड के ग्राम बाना परसाही में एक किसान परिवार की यही उम्मीद कुछ ही मिनटों में आग की लपटों में स्वाहा हो गई। धान मिसाई के दौरान ट्रैक्टर से निकली एक चिंगारी ने ऐसा कहर बरपाया कि ट्रैक्टर के साथ खेत में रखी पूरी धान की फसल जलकर राख हो गई। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बाना परसाही निवासी किसान सत्तर सिंह कंवर अपने खेत में थ्रेसर मशीन से धान की मिसाई का कार्य कर रहे थे। खेत में कटाई के बाद धान का ढेर रखा हुआ था और फसल को सुरक्षित घर पहुंचाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर के इंजन से निकली चिंगारी सूखी फसल पर जा गिरी। देखते ही देखते आग ने धान के ढेर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि मौके पर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ग्रामीणों ने बाल्टी, पाइप और अन्य संसाधनों की मदद से आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सूखी फसल होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में पूरा खलिहान धुएं और आग की लपटों से भर गया। आग इतनी भयानक थी कि ट्रैक्टर को बचाने का भी मौका नहीं मिल पाया। लाखों रुपये कीमत का ट्रैक्टर जलकर पूरी तरह कबाड़ में तब्दील हो गया। वहीं खेत में रखी धान की पूरी उपज भी राख हो गई। घटना के बाद किसान परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित महिला किसान रूप कुमारी कंवर ने बताया कि उन्होंने करीब एक एकड़ भूमि में धान की खेती की थी। खेती में बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर काफी खर्च किया गया था। फसल तैयार होने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि इससे घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन एक हादसे ने सारी उम्मीदों को खत्म कर दिया। उन्होंने शासन और प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। घटना के बाद गांव में भी मायूसी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि किसान पहले ही बढ़ती लागत और मौसम की मार से परेशान हैं, ऐसे में इस तरह की दुर्घटनाएं उनकी मुश्किलें और बढ़ा देती हैं। फिलहाल घटना की जानकारी राजस्व विभाग को दे दी गई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। किसान परिवार को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन उनकी पीड़ा को समझते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।