
जारी आदेश के अनुसार इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी द्वारा बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का मानना है कि जेल परिसर के आसपास अनधिकृत ड्रोन संचालन से सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
यह निर्णय जेल प्रशासन के अनुरोध और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की सहमति के बाद लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त होने पर ही ड्रोन संचालन की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और केंद्रीय जेल अधीक्षक को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।