बिलासपुर। सरकारी जमीन पर कब्जा करने की बात को लेकर मजदूर परिवार के साथ गांव के ग्रामीण विवाद शुरू कर दिया, जिससे परेशान होकर मजदूर परिवार रात 9 बजे एसएसपी कार्यालय पहुंच गए और कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। सूचना पर एएसपी व सिविल लाइन टीआई पहुंचे। मजदूर परिवार को समझाईश देकर घर भेज दिया। इसके बाद चकरभाठा पुलिस ने विवाद करने वालों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम सेवार के शांतिनगर, सतनामीपारा निवासी लता मेरसा पति मुकेश मेरसा (35) गांव के तालाब के पास सरकारी जमीन पर मिट्टी का मकान बनाकर सालों से रहते आ रही है। परिवार में पति के साथ-साथ 7 बच्चे हैं। शनिवार रात 8 बजे लता अपने परिवार के लिए भोजन पका रही थी। उसी समय राजकुमार मोहले और उसके भतीजे समेत करीब दर्जनभर लोग उसके घर में घुस आए और सरकारी जमीन को लेकर विवाद करने लगे। पुराने कब्जे की जगह से से ईंटा और टीना को हटाने लगे। आरोपियों ने महिला व उसके परिवार के साथ गाली गलौज करते हुए जमीन कब्जा नहीं छोडऩे पर जान से मारने की धमकी दी। उसी दौरान लता दोनों बाइक की चाबी को निकालकर रखी ली और डॉयल 112 को फोन लगा रही थी। उसी समय राजकुमार मोहले चाबी को लूटने लगा। परेशान होकर लता अपने पति व बच्चों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची और कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गई। पति मुकेश ने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों से कया बुंदेला मार्ग स्थित सोनू तालाब के किनारे मकान बनाकर रह रहे हैं। जमीन सरकारी है और वह लंबे समय से वहीं रह रहे हैं। परिवार में सात बच्चे हैं और रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने के बाद उसी स्थान पर मकान बनाने की तैयारी है। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। मुकेश का आरोप है कि घटना के बाद वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रात करीब 8.30 बजे चकरभाठा थाने पहुंचा। आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष के आने के बाद रिपोर्ट लिखने की बात कहते हुए उन्हें वापस भेज दिया। डेढ़ घंटे तक बाहर बैठा रहा। मामले की जानकारी मिलने पर एएसपी पंकज पटेल के निर्देश पर सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट मौके पर पहुंचे और परिवार को चकरभाठा थाने भेजा। एएसपी पंकज पटेल के निर्देश पर चकरभाठा पुलिस ने रात 1 बजे पीडि़ता लता की रिपोर्ट पर अपराध दर्ज किया गया। चकरभाठा थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि मुकेश ने शराब के नशे में 112 पर कॉल किया था। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन वह थाने आने के बजाय सीधे एसएसपी कार्यालय चला गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।