
जांजगीर-चांपा। फॉर्च्यूनर कार की खरीदी-बिक्री के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी घटना के बाद लगातार फरार होकर अपने ठिकाने बदल रहा था, जिसे साइबर तकनीक और मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के सर्वमंगला नगर दुरपा निवासी चंद्रप्रकाश जायसवाल ने थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 अक्टूबर 2024 को ग्राम करनौद निवासी विवेक डडसेना ने अपनी फॉर्च्यूनर वाहन क्रमांक CG 11 BN 1748 को गिरवी रखने अथवा बेचने के नाम पर 20 लाख रुपये का सौदा किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, राशि लेने के बाद आरोपी ने उक्त वाहन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब चंद्रप्रकाश जायसवाल ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने भुगतान के लिए चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद पूरे मामले में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना चांपा में अपराध क्रमांक 267/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपी लगातार फरार था और अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में पुलिस टीम ने साइबर तकनीक और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपी की तलाश की। अंततः 19 जून को उसे उसके निवास क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी विवेक डडसेना ने धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया। उसके कब्जे से चेकबुक और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन खरीदी-बिक्री के दौरान वाहन के दस्तावेजों एवं मालिकाना हक की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। बड़े वित्तीय लेन-देन बैंकिंग माध्यम से ही करें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।