बिलासपुर। ओडिशा हाईकोर्ट के जज जस्टिस कृष्णा राम मोहपात्रा का ट्रांसफर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अगले दो महीनों के भीतर चीफ जस्टिस समेत दो जज रिटायर होने वाले हैं। इसके बावजूद कॉलेजियम की सिफारिश में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए फिलहाल केवल एक जज का तबादला किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार न्यायाधीशों को अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता में 6 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में यह फैसला लिया गया। कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। इसी तरह इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। जबकि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के आने से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक कामकाज को मजबूती मिलने की उम्मीद है। लंबित मामलों के बीच एक नए जज की नियुक्ति से मामलों की सुनवाई और निपटारे में भी मदद मिल सकती है। वहीं, जस्टिस मानस रंजन पाठक का तबादला गुजरात हाईकोर्ट करने की सिफारिश की गई है। जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा ने सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्योंझर, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग, नई दिल्ली, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई संस्थानों के लिए अधिवक्ता के रूप में पैरवी की है।