
बिलासपुर। बालाजी गैस एजेंसी के खिलाफ मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर राजस्व, खाद्य विभाग और आईओसीएल की संयुक्त टीम ने मगरपारा स्थित कार्यालय और महाराणा चौक स्थित गैस गोदाम में औचक जांच की। भौतिक सत्यापन के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ी विसंगति सामने आई। जांच में रिकॉर्ड के मुताबिक एजेंसी के पास 864 भरे सिलेंडर होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर केवल 452 भरे सिलेंडर मिले। इस तरह 412 भरे सिलेंडर कम पाए गए। वहीं रिकॉर्ड में 473 खाली सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर 487 खाली सिलेंडर मिले, यानी 14 खाली सिलेंडर अधिक पाए गए। स्टॉक में गड़बड़ी सामने आने के बाद जांच टीम ने मौके पर उपलब्ध सभी 939 सिलेंडर जब्त कर लिए। इनमें 452 भरे और 487 खाली सिलेंडर शामिल हैं। टीम ने एजेंसी के दस्तावेजों और स्टॉक से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की। जांच के दौरान मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से एजेंसी की सेवाओं को लेकर जानकारी ली गई और उनके बयान दर्ज किए गए। उपभोक्ताओं ने बुकिंग के बाद सिलेंडर नहीं मिलने और ऑनलाइन डिलीवरी दर्ज होने के बावजूद वास्तविक रूप से सिलेंडर नहीं मिलने जैसी शिकायतें बताई हैं। एजेंसी के खिलाफ कॉल सेंटर और सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी जांच में सामने आई। संयुक्त जांच दल में तहसीलदार प्रकाश साहू, सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक विनीता दास, वर्षा सिंह, मंगेश कांत, ललिता शर्मा, आशीष दीवान, वसुधा राजपूत और आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर पंकज छेतिजा शामिल रहे। टीम एजेंसी के अभिलेख, स्टॉक और शिकायतों की विस्तृत जांच कर सात दिनों के भीतर कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।