
बिलासपुर। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच विवाद के बाद स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव और तोड़फोड़ में बदल गया। उपद्रवियों ने कई वाहनों, दुकानों और मकानों को नुकसान पहुंचाया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। पथराव में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी के सिर में चोट लगी, जबकि एक आरक्षक समेत कई अन्य लोग भी घायल हुए। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसकी जानकारी फैलने के बाद हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग सिटी कोतवाली क्षेत्र के खपरगंज पहुंचे। यहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों ओर से पथराव होने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवकों की भीड़ जुटने और विवाद बढ़ने की सूचना पुलिस अधिकारियों को पहले ही दे दी गई थी। हालांकि, शुरुआती तौर पर मौके पर पेट्रोलिंग टीम भेजी गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच झड़प के बाद हालात और बिगड़ गए। इसके बाद भीड़ ने वाहनों, दुकानों और घरों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। स्थिति संभालने पहुंचे पुलिस अधिकारियों को भी भीड़ के विरोध का सामना करना पड़ा। सिविल ड्रेस में पहुंचे सीएसपी गगन कुमार के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। पथराव के दौरान तारबाहर टीआई रवि तिवारी के सिर में गंभीर चोट लगी। एक आरक्षक सहित कई अन्य लोग भी घायल हुए। बेकाबू भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बताया गया कि फायरिंग सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकंडा टीआई प्रदीप आर्या ने आंसू गैस के गोले हाथ से फेंके। करीब पांच से छह गोले छोड़े गए, इसके बावजूद भीड़ काफी देर तक मौके पर डटी रही। हंगामा बढ़ने के दौरान आक्रोशित लोगों की भीड़ सिटी कोतवाली थाने के भीतर तक पहुंच गई। यहां लोगों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी कि पथराव और उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने थाना परिसर में लोगों से बातचीत कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने पर एसएसपी ने जिले के विभिन्न थानों से पुलिस अधिकारियों और जवानों को मौके पर बुलाया। इसके अलावा जांजगीर-चांपा और मुंगेली जिले से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया। सीएएफ के जवानों को भी तैनात किया गया। रात करीब ढाई बजे तक बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। तनाव को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाके की बिजली बंद कर लाठीचार्ज कर भीड़ को पीछे हटाया। बाद में कलेक्टर और एसएसपी हेलमेट पहनकर पैदल संवेदनशील इलाकों में निकले और पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। करीब तीन बजे तक पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर भीड़ को हटाने में जुटी रही। घटना के बाद मसानगंज और खपरगंज इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सिटी कोतवाली चौक के आसपास बैरिकेडिंग कर बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। सुबह तक पुलिस इलाके में लगातार गश्त करती रही और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के नामजद लोगों के साथ अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। बलवा, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उपद्रवियों की पहचान के लिए घटनास्थल के वीडियो, सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज की जांच की जा रही है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में एहतियातन धारा 144 लागू की गई है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि व्यक्तिगत विवाद के बाद दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी और दोनों ओर से पथराव हुआ। घटना में कुछ लोगों को चोटें आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 400 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है और पड़ोसी जिलों से भी बल बुलाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।