
बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासन की फ्लैगशिप योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दूरदराज क्षेत्रों की एकल शिक्षकीय शालाओं में विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रखने के लिए स्थानीय स्तर पर योग्य युवाओं की सेवाएं लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे युवाओं से गणित और विज्ञान जैसे विषय पढ़ाने का कार्य लिया जाए। उन्हें डीएमएफ मद से पीरियड के आधार पर मानदेय दिया जाएगा। वहीं स्वीकृत पद रिक्त होने की स्थिति में संकुल स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने पूरी व्यवस्था एक महीने के भीतर लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्थल चयन पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने कहा गया। जिले में 230 आंगनबाड़ी भवन, 125 पीडीएस दुकान और 325 स्कूल टॉयलेट स्वीकृत होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने स्मार्ट क्लास की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले के करीब 750 स्कूलों में स्मार्ट टीवी के जरिए शिक्षण किया जा रहा है। ई-ऑफिस में शून्य उपलब्धि वाले करीब दो दर्जन कार्यालय प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं डीसीएस सर्वे की प्रगति में अब तक करीब 39 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी मिली। गुणवत्ता जांच के लिए जिला स्तरीय टीम को मैदानी निरीक्षण करने कहा गया। आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए बड़े बांधों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले कुशल स्थानीय तैराकों को ‘जलमित्र’ के रूप में तैयार किया जाएगा। इन्हें बाढ़ एवं आपदा राहत का प्रशिक्षण देने के साथ आवश्यक बचाव उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। बैठक में सीएम जनदर्शन, पीएम पोर्टल और ई-समाधान सहित अन्य माध्यमों से मिले लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।