बेसहारा गायों की सेवा के लिए बिलासपुर में ‘गो सेवा धाम’ शुरू


बिलासपुर। शनिचरी बाजार क्षेत्र में आई भारी बाढ़ हिमाचल कि देव भूमि से गोकथा कि बाढ़ लेकर शहर पधारे राष्ट्रीय संत गो गंगा कृपा कांक्षी श्री गोपाल मणि जी महाराज गौकथा के इस अविरल प्रवाह में बह रहे श्रोताओं ने लगाया जय घोष, गौमाता राष्ट्रमाता। शनिचरी मनोहर होटल के पीछे नाला वाली रोड पर बने बिलासपुर गो सेवा धाम में गो कथा का आयोजन 31 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। दोपहर 3 बजे से रात 7 बजे गो माता की आरती के पश्चात प्रसाद वितरण करते हैं। दिव्य गो कथा में बिलासपुरवासियों से व्यास पीठ से निवेदन किया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु दिव्य गो कथा का श्रवण करने पहुंचे और अपने जीवन को सफल बनाएं। बिलासपुर शहर के गोसेवा धाम के उद्घाटन समारोह में दिव्य गोकथा का आयोजन किया जा रहा है। गो गंगा क्रांति के अग्रदूत गोपाल मणि हाराज के श्री मुख से पांच दिवसीय कथा का आयोजन चल रहा है। कथा के प्रथम दिन धेनु मानस के माध्यम से श्रोताओं को गोमाता कीमहिमा सुनाई। महाराज ने कहा गोमाता अपनी महिमा दिखाएगी, जब तुम उसका सम्मान करोगे। गोमाता को अनुदान नहीं सम्मान चाहिए। भारत के संविधान ने गाय को पशु कि श्रेणी में रखा हुआ है। गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान होना चाहिए। तब विश्व का कल्याण होगा, जिस दिन गाय को सम्मान मिलेगा, उस दिन गोमाता अपना वैभव प्रगट करेगी। वेद पुराण शास्त्र जैसे धर्म ग्रंथों में गाय को माता कहा गया है, पर भारत सरकार गाय को पशु कि श्रेणी में रखा है। आज गाय को पशु समझने के कारण ही देश पतन कि ओर जा रहा है, जिस दिन सनातन हिंदू समाज सरकार से गया को राष्ट्रमाता का सम्मान दिला कर प्रतिष्ठित कर देंगे, उस दिन भारत भूमि धन्य हो जाएगी। गो धाम परिसर पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए पौधरोपण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूज्य संत गोपाल मणि महाराज, सीता शरण महाराज, रामअवतार अग्रवाल, शेखर अग्रवाल, विपुल शर्मा, रतन लाल शर्मा आचार्य सचिन महाराज, संकल्प शुक्ला, गोपाल कृष्ण, रामानुज दास ने वृक्षारोपण किया। भगवान भोले नाथ और श्री कृष्ण भगवान के मंदिर में पूजा अर्चना की। कार्यक्रम में विष्णु पुरोहित, प्रकास पुरोहित ओमेश बिसेन, बाबा शर्मा मंजीत सिंग ,बाबू लाल, शुभम शुक्ला, शिवांश पांडे, बंटी गुप्ता विकास शर्मा सहित गौसेवक उपस्थित रहे।

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