
बिलासपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर लायंस क्लब बिलासपुर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 51 शिक्षकों का सम्मान किया। कार्यक्रम में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलसचिव अश्विनी दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने तलवारबाजी सीखने वाले एक छात्र की प्रेरक कथा साझा करते हुए बताया कि गुरु ने पहले उसकी सजगता और परिस्थितियों को समझने की क्षमता को परखा। जब छात्र हर परिस्थिति के प्रति सतर्क रहने लगा, तब गुरु ने उसे प्रशिक्षण के योग्य माना। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा व्यक्ति को ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, जागरूकता और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। जोन चेयरपर्सन हर्ष पांडेय ने आचार्य कौटिल्य और चंद्रगुप्त मौर्य का उदाहरण देते हुए कहा कि गुरु की दूरदृष्टि विद्यार्थी की प्रतिभा को सही दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों की छिपी क्षमताओं को पहचानकर उनके भविष्य को नई दिशा देते हैं। क्लब अध्यक्ष हरदीप सिंह सलूजा ने कहा कि शिक्षक समाज की मजबूत नींव हैं। उनके मार्गदर्शन से नई पीढ़ी तैयार होती है और राष्ट्र निर्माण को गति मिलती है। उन्होंने 51 शिक्षकों के सम्मान को क्लब के लिए गौरव का विषय बताया। क्लब सचिव मनीष चंदेल ने अतिथियों, सम्मानित शिक्षकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मानित शिक्षकों में डॉ. अतुल दुबे, दिलीप शर्मा, डॉ. भुवन सिंह राज, डॉ. गजेन्द्र तिवारी, अशोक चंदेल, गरिमा साहनी, अनीता सकुजा, योगेश करंजगांवकर, पद्मा द्विवेदी, डॉ. प्रताप पाण्डेय, डॉ. संध्या तिवारी, डॉ. रमेश पाण्डेय, डॉ. श्रुति मिश्रा, डॉ. गीता होता, डॉ. प्रवीण मिश्रा, डॉ. रूपाली श्रीवास्तव, डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. भारती दुबे, ऋचा भट्टाचार्य, विभा गोयल सहित 51 शिक्षक शामिल रहे। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष सीए रौनक अग्रवाल सहित क्लब के पदाधिकारी, सदस्य और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।