
बिलासपुर। लव जिहाद में फंसे बेटियों को बाहर निकालने के क्षेत्र में काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी ने बेटियों को भारतीय इतिहास की वीरांगनाओं से प्रेरणा लेने और अपने व्यक्तित्व को मजबूत बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास, विवेक और आत्मरक्षा की समझ भी आवश्यक है। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में भारतीय परिवार व्यवस्था और पारिवारिक मूल्यों के महत्व पर भी विस्तार से विचार रखे। आधुनिकता और तकनीक के दौर में अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जुड़े रहना आवश्यक बताते हुए उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी जड़ों को समझने और जीवन में अच्छे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। युवाओं से सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक व रचनात्मक कार्यों के लिए करने, आभासी दुनिया और वास्तविक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की बात कही। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों और युवाओं में आत्मविश्वास, विवेक और स्वयं के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। काजल हिंदुस्तानी ने युवाओं के बीच बढ़ते मानसिक दबाव और निराशा के संदर्भ में ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। उन्होंने मानसिक रूप से मजबूत रहने, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का संदेश दिया। भारतीय जीवन-पद्धति, खान-पान और दैनिक जीवन में सकारात्मक आदतों के महत्व पर भी उन्होंने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़े विषय भी सामने आए। स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने,अपनी खरीदारी के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती केवल विचारों से नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार और आत्मनिर्भरता की भावना से भी आती है। महेंद्र जैन ने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए जागरूकता, एकता, संस्कार और जिम्मेदारी आवश्यक हैं। संगठन का प्रयास है कि समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को साथ लेकर ऐसे विषयों पर संवाद को आगे बढ़ाया जाए, जो समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करें। कार्यक्रम के आयोजन में वन्दे मातरम् मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं व सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरी व्यवस्था के दौरान अनुशासन और आपसी सहयोग बना रहा तथा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ।