
बिलासपुर। धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज का पहला प्रकाश पूरब समूह साध संगत और गुरुवारा को श्रध्दा और उत्साह के साथ गुरुद्वारा श्री गुरूसिंघ दयालबंद में मनाया गया। जिसमें बिलासपुर व आसपास की संगत उपस्थित रहे। प्रकाश पूरब को मुख रखकर पंज प्यारे साहिबान की अगवाई में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की सरपरस्ती के साथ सुबह 4 बजे पंजाबी कालोनी गेट दयालबंद से समूह साध कीर्तन करते हुए गुरुद्वारा श्री गुरूसिंघ दयालबंद बिलासपुर के दरबार हाल में पहुंचे। रास्ते में समूह साध ने श्री गुरुग्रंथ साहिब जी पंज प्यारे साहिबान और साथ संगत जी का पंजाबी कालोनी गेट से गुरुद्वारा दयालबंद तक रेड कार्पेट पर फूलों की बरसा आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। पंज प्यारे साहिबान की अगवाई में श्री गुरुग्रंथ साहिब का प्रकाश दयालबंद पहुंचने के उपरांत अमृतसर से आए हजूरी रागी जत्था भाई कमलजीत सिंह द्वारा संपूर्ण आशा दी वार कीर्तन रुपी पाठ किया। समूह साध संगत में चाय नाश्ते का प्रसाद वितरण किया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पर्व गुरुद्वारा दयालबंद को कलकत्ता के कुशल कारीगरो द्वारा ताजे गुलाब फूलों से अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाया गया। गुरुद्वारा श्री गुरूसिंघ दयालबंद बिलासपुर में गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले पूरब पर सुबह 11 बजे से विशेष दीवान सजाया गया। हुजुरी रागी जत्था गुरूसिंघ दयालबंद, हेड ग्रंथी ज्ञानी मान सिंह अमृतसर से आए हजूरी रागी जत्था भाई कमलजीत सिंह हाजरी भरकर समूह साध संगत जी को कीर्तन से निहाल किया।