इंजीनियरिंग में ज्ञान के साथ नैतिकता जरूरी, विद्यार्थियों के साथ साझा किया अपना अनुभव


बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान (सीजीआईटी) बिलासपुर में गत दिनों अभियंता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संस्था के एलुमनाई एसोसिएशन के सदस्यों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. एस.के. सिंघई ने की। समारोह की शुरुआत संस्था परिसर स्थित सर एम. विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एलुमनाई सदस्यों ने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी को अपनाने की सीख दी। एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं 1977 मैकेनिकल इंजीनियरिंग बैच के पूर्व छात्र डॉ. टी.पी.एस. अरोड़ा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग विभिन्न कानूनी और व्यावसायिक क्षेत्रों में लाभदायक हो सकता है, लेकिन पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान और मानव मस्तिष्क की क्षमता का महत्व हमेशा बना रहेगा। इंजी. अनिल व्यास ने अभियंताओं के लिए नैतिक मूल्यों को जरूरी बताया। डॉ. बी.एस. चावला ने अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव साझा किए, जबकि इंजी. सुधीर गुप्ता ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें तकनीकी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एलुमनाई एसोसिएशन के अन्य सदस्य इंजी. आर.पी. पटेल, इंजी. दुलीचंद अग्रवाल, इंजी. गोपाल सिंह ठाकुर और इंजी. कृतिका अग्रवाल सहित विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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