श्रमिक अपने परिश्रम से देश की ऊर्जा जरूरतों को कर रहे पूरा


बिलासपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एसईसीएल मुख्यालय में द्वितीय ‘एसईसीएल विश्वकर्मा अवार्ड्स’ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खदानों और परिचालन गतिविधियों में बेहतर कार्य करने वाले 75 नियमित एवं संविदा कर्मियों को उनके श्रम, कौशल और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान स्वच्छता कार्य में योगदान देने वाले कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में एसईसीएल के निदेशक बिरंची दास, निदेशक रमेश चंद्र महापात्र और निदेशकनृपेंद्र नाथ सहित कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी, श्रमसंघ प्रतिनिधि और विभिन्न समितियों एवं संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अवार्ड के तहत खदानों में ऑपरेशन, मेंटेनेंस, सुपरवाइजरी और अन्य तकनीकी कार्यों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों का चयन किया गया। यह पुरस्कार समारोह का दूसरा संस्करण है। इसके माध्यम से एसईसीएल ने जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों के योगदान को मंच प्रदान कर सम्मानित किया। निदेशक मानव संसाधन बिरंची दास ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और कर्म के प्रतीक हैं। खनन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक अपने परिश्रम और तकनीकी दक्षता के माध्यम से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने सम्मानित कर्मियों के कार्य की सराहना की। कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी का कोयला श्रमिकों के नाम संदेश भी पढक़र सुनाया गया। संदेश में ऊर्जा सुरक्षा और देश के विकास में कोयला कर्मियों की भूमिका का उल्लेख किया गया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ और स्पेशल कैम्पेन 6.0 के तहत स्वच्छता कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यस्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया। अभियान के तहत एसईसीएल में स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित मामलों के निपटारे, स्थान के बेहतर उपयोग और ई-वेस्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।

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