बिलासपुर। ब्रह्माकुमारीज प्रभु दर्शन भवन, टिकरापारा में रविवार विशेष सत्संग में परमात्म महावाक्य सुनाते हुए बीके मंजू दीदी ने कहा कि परमात्मा ने हर आत्मा को सर्व शक्तियों का खजाना दिया है। जरूरत के समय इन शक्तियों का अनुभव तभी होता है, जब हम स्वयं को आत्मा समझकर स्वमान की स्थिति में रहते हैं। स्वमान वे वरदानी महावाक्य हैं जिनसे स्वयं भगवान हमें सम्बोधित करते हैं जैसे कि मास्टर सर्व शक्तिमान, जहान के नूर, भाग्यविधाता, दयालु, रहमदिल, प्रेम, शक्ति, आनंद स्वरूप आदि। उन्होंने कहा कि परमात्मा हमारे परम पिता, शिक्षक और सद्गुरु हैं। पिता के रूप में सुख शान्ति की प्राप्ति, शिक्षक के रूप में स्वयं की कर्मन्द्रियों पर राज्य का ज्ञान और सद्गुरु के रूप में श्रेष्ठ श्रीमत प्राप्त होती है। इसलिए नियमित रूप से परमात्मा की याद में रहना और श्रेष्ठ कर्म करना आवश्यक है। मंजू दीदी ने कहा कि अमृत वेला केवल उठकर बैठने का समय नहीं, बल्कि योग द्वारा *लाइट-माइट और फरिश्ता स्वरूप का अनुभव करने का समय है। मन को व्यर्थ विचारों से बचाकर ज्ञान-मनन और सेवा में लगाए रखने से एकाग्रता बढ़ती है। उन्होंने सभी से अपना दैनिक टाइम टेबल स्वयं बनाने, मन और शरीर को सकारात्मक कार्यों में व्यस्त रखने तथा ‘हो जाएगा’ की सोच छोडक़र ‘करना ही है’ का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि वर्तमान समय में हर परिस्थिति के लिए एवर रेडी रहते हुए अपने पुरुषार्थ का रोज मूल्यांकन करना चाहिए।