स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता पर रेलवे की नजर


बिलासपुर। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने निगरानी व्यवस्था को नियमित बनाए रखा है। स्टेशन पर यात्रियों की संख्या और श्रेणी के आधार पर पानी की जांच की जा रही है। पिछले माह 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर पेयजल व्यवस्था की अलग से समीक्षा की गई। इस दौरान पानी के स्रोत से लेकर फिल्ट्रेशन, भंडारण और वितरण व्यवस्था की भी निगरानी की गई। विशेष अभियान सहित नियमित जांच के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर पेयजल गुणवत्ता से संबंधित 5,172 जांचें की गईं। रेलवे के अनुसार, सभी जांचों में पानी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरुप रही। साथ ही 373 नमूनों की विस्तृत गुणवत्ता जांच भी कराई गई। इन नमूनों के परिणाम भी संतोषजनक रहे। जिसका परीक्षण एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में कराया गया। रेलवे ने प्रमुख और छोटे स्टेशनों के लिए अलग-अलग निगरानी व्यवस्था रखी गई है। पेयजल की गुणवत्ता जांच के साथ संभावित समस्या की पहचान और सुधारात्मक कार्रवाई पर भी जोर दिया जा रहा है। यदि किसी स्तर पर कमी सामने आती है तो आवश्यक सुधार के बाद दोबारा निगरानी की जाती है। इससे पेयजल व्यवस्था को लगातार मानकों के अनुरूप बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। रेलवे प्रशासन के अनुसार पेयजल व्यवस्था में नियमित रखरखाव भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी के तहत पेयजल स्रोतों, आपूर्ति लाइन, फिल्ट्रेशन सिस्टम, टंकियों में भंडारण और वितरण व्यवस्था की स्थिति की निगरानी की जा रही है। 15 दिवसीय विशेष अभियान में इन व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल रेल यात्रा की आवश्यक सुविधा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमित जांच और निगरानी की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी। विशेष अभियान के दौरान मिले संतोषजनक परिणामों के साथ रेलवे ने पेयजल व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया है।

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