
बिलासपुर। युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन और उभरते रोजगार अवसरों से जोडऩे के उद्देश्य से आईसेक्ट द्वारा आयोजित ‘आईसेक्ट कौशल विकास यात्रा-2026’ को डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने कौशल विकास यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर आईसेक्ट के राज्य समन्वयक योगेश मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। ‘समर्थ भारत-सक्षम भारत’ थीम पर आधारित यह राष्ट्रव्यापी अभियान 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। एक माह की इस यात्रा के माध्यम से देश के 20 राज्यों के 300 जिलों में विद्यार्थियों और युवाओं तक शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगार से जुड़ी जानकारी पहुँचाई जाएगी। अभियान के दौरान करीब 500 स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों तथा लगभग 1,000 आईसेक्ट कौशल ज्ञान प्रदाता केंद्रों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। विश्वविद्यालय से रवाना हुई यह कौशल विकास यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर विद्यार्थियों और युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा तथा रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी देगी। यात्रा के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ संवाद, करियर मार्गदर्शन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति से परिचय, पंजीकरण तथा विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को उनकी रुचि, क्षमता और करियर आकांक्षाओं के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकल्प चुनने के लिए जागरूक करना है। यात्रा का प्रमुख आकर्षण आईसेक्ट एआई साक्षरता मिशन भी रहेगा। इसके तहत विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूलभूत जानकारी, शिक्षा एवं दैनिक जीवन में इसके उपयोग, एआई उपकरणों तथा इसके जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के बारे में बताया जाएगा। साथ ही ‘एआई में भविष्य’ विषय के माध्यम से युवाओं को एआई से जुड़े नए करियर अवसरों, भविष्य के कौशल और बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं से परिचित कराया जाएगा।