
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यार्थियों से व्यक्तिगत लगाव रखकर उन्हें सीखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। बच्चों की प्रतिभा को तराशना और उन्हें सही दिशा देना शिक्षक का दायित्व है। उन्होंने संपर्क फाउंडेशन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि संपर्क फाउंडेशन द्वारा जिले के 161 विद्यालयों में संपर्क डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं। इनके माध्यम से बच्चों को रोचक एवं गतिविधि आधारित डिजिटल शिक्षण सामग्री से सीखने का अवसर मिल रहा है। ऑडियो-वीडियो सामग्री के उपयोग से कठिन विषयों को सरल और रुचिकर तरीके से समझने में मदद मिल रही है। सीईओ श्री अग्रवाल ने कहा कि शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और बच्चों में सीखने के प्रति रुचि विकसित करने में यह पहल उपयोगी साबित हो रही है।
संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक श्री विनीत नैयर एवं श्रीमती अनुपमा नैयर द्वारा स्थापित संस्था शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। इसी क्रम में नवाचार, समर्पण और निरंतर प्रयासों से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने वाले 17 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का उद्देश्य शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने के साथ अन्य शिक्षकों को भी नवाचार के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक ओम पाण्डेय, सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती सुनीता पाण्डेय, सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, स्रोत समन्वयक एवं सम्मानित शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शहरी स्रोत समन्वयक वासुदेव पाण्डेय ने किया।