बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में विगत सात दिनों से जारी 171 किमी की भव्य धार्मिक ध्वजा यात्रा का मां महामाया मंदिर, रतनपुर में विधिवत ध्वजा अर्पण के साथ समापन हुआ। अंतिम दिवस की यात्रा रानीगांव से प्रारंभ हुई। सुबह से ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्तिभाव देखने को मिला। भगवा ध्वजों, ढोल-ताशों की गूंज और मां महामाया के गगनभेदी जयकारों के बीच यात्रा मदनपुर से होते हुए सिद्धि विनायक मंदिर पहुंची। विभिन्न स्थानों पर ग्रामवासियों, सामाजिक संगठनों, मातृशक्ति, युवाओं और समाज के प्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा, पूजा-अर्चना एवं आत्मीय स्वागत के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त की। यात्रा में ढोल-ताशों की ऊर्जावान धुन, शिव तांडव की प्रभावशाली प्रस्तुति और राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। नगर पंचायत अध्यक्ष लव कुश कश्यप व मंडल अध्यक्ष बबलू कश्यप के नेतृत्व में श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा की सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। हजारों श्रद्धालुओं के साथ आगे बढ़ती यात्रा में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं के साथ यात्रा मां महामाया मंदिर, रतनपुर पहुंची, जहां माता के जयकारों और श्रद्धाभाव के बीच विधि-विधान से पावन ध्वजा अर्पित की गई। विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकली यह ध्वजा यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनआस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता का व्यापक उत्सव बनकर सामने आई। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की लगभग 48 ग्राम पंचायतों से जुड़ी इस यात्रा ने विभिन्न गावों और समाजों को मां महामाया की भक्ति के सूत्र में पिरोया। विधायक श्री शुक्ला ने कहा कि मैं बेलतरा के अपने सभी परिवारजनों, मातृशक्ति, युवाओं, बुजुर्गों, सामाजिक संगठनों का इस यात्रा को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने के लिए आभार व्यक्त करता हू्रं। विधायक भावना बोहरा ने कहा कि मां महामाया की कृपा सभी पर बनी रहे, प्रत्येक परिवार सुखी और समृद्ध रहे। समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारा निरंतर बढ़ता रहे। मां महामाया के दरबार में ध्वजा अर्पण के साथ यात्रा का समापन भले ही हुआ, लेकिन श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकजुटता की जो भावना जागृत हुई, वह लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।