
बिलासपुर। गांवों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए अब घर-घर कचरा पृथक्करण और नियमित संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की राज्य सलाहकार मोनिका सिंह ने बिल्हा विकासखंड के बिटकुली, पासीद, खम्हारडीह और मंगला (प) गांवों का निरीक्षण कर स्वच्छता कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छग्राहियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत कचरे को चार श्रेणियों—सूखा, गीला, सेनेटरी और विशेष देखभाल वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे में अलग-अलग रखने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घरों से ही कचरा अलग करने से उसके उचित निपटान में आसानी होगी। ग्रामीणों को नियमित कचरा संग्रहण में सहयोग करने और स्वच्छता शुल्क का भुगतान करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही गांवों में बने सामुदायिक शौचालयों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने और उनकी साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक, जनपद पंचायत की टीम, नोडल अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बिहान समूह की महिलाएं, स्वच्छग्राही और ग्रामीण उपस्थित रहे। राज्य सलाहकार ने सरपंचों और सचिवों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों को पहले समझाइश देने और इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले स्वच्छग्राही समूहों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली।