
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रारूप तैयार करने के लिए जनभागीदारी के तहत संभाग स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में हुई चर्चा में आठ जिलों के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर पक्ष-विपक्ष में चर्चा हुई।
राज्य शासन की समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि संहिता का उद्देश्य पारिवारिक कानूनों में समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं तथा बच्चों के अधिकारों को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका संबंध नागरिक एवं पारिवारिक मामलों से होगा। किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक आस्था और रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा में पारंपरिक मान्यताओं, समुदायों की प्रथाओं और कानूनी सुधारों से जुड़े विभिन्न पहलू सामने आए। समिति के सदस्य एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, ज्योति रानी सिंह और रायपुर संभागायुक्त श्याम धावड़े ने भी विचार रखे। बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन ने स्वागत किया।