
बिलासपुर। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तरीय आकलन शिविर आयोजित किया गया। बुधवार को पंडित देवकीनंदन दीक्षित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित शिविर में 239 बच्चों की जांच कर उन्हें सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिन्हित किया गया। इस दौरान दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने और पुराने प्रमाण पत्रों के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर आयोजित शिविर में प्राथमिक, माध्यमिक और पीएमश्री विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अस्थि बाधित, श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों का परीक्षण किया। सिकल सेल से प्रभावित बच्चों का भी आकलन किया गया। जांच के आधार पर बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों का निर्धारण कर सहायक उपकरणों के लिए उनका चयन किया गया। शिविर में एलिम्को के सदस्यों के साथ जिला चिकित्सालय और राज्य मानसिक चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की जरूरतों की पहचान कर उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे में मदद करना है।