
बिलासपुर। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने कर्नाटक प्रवास के दौरान एम.जी. रोड भूमिगत मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण कर बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (फेज-2) के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नम्मा मेट्रो की आगामी पिंक लाइन (कालेना अग्रहारा–नागावरा कॉरिडोर) से संबंधित कार्यों का भी विस्तृत अवलोकन किया।
बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री को पिंक लाइन की सिविल, वास्तु, ट्रैक, विद्युत एवं सिस्टम संबंधी कार्यों सहित परियोजना के विभिन्न चरणों तथा निर्धारित समय-सीमा की जानकारी दी। लगभग 21.26 किलोमीटर लंबी इस कॉरिडोर में 7.50 किलोमीटर एलिवेटेड एवं 13.76 किलोमीटर भूमिगत मार्ग के साथ कुल 18 स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान श्री साहू ने भूमिगत स्टेशनों, यात्री इंटरचेंज सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों एवं निर्माण गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करना भी समान रूप से आवश्यक है।
श्री साहू ने कहा कि नम्मा मेट्रो आज देश की सबसे प्रमुख शहरी परिवहन प्रणालियों में से एक बन चुकी है, जिसने बेंगलुरु में तेज, सुरक्षित, विश्वसनीय एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा दी है। उन्होंने बीएमआरसीएल एवं कार्यदायी एजेंसियों को परियोजना की गति बनाए रखते हुए पिंक लाइन को शीघ्र संचालित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात श्री साहू ने कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने, केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत निधियों का प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने, लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र शीघ्र प्रस्तुत करने तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अप्रयुक्त एसएनए निधि एवं अर्जित ब्याज भारत सरकार को वापस जमा कराने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा करते हुए श्री साहू ने नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन पर विशेष बल दिया। उन्होंने खुले स्थानों, जलाशयों अथवा खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों से बचने के निर्देश देते हुए आधुनिक एवं सतत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि गैर-पुनर्चक्रणीय ठोस अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन स्वच्छ, स्वस्थ एवं सतत शहरों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा शहरी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती प्रदान करेगा।
बैठक के दौरान अमृत 1.0 के अंतर्गत लंबित तीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। राज्य सरकार के अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण एवं न्यायालयीन प्रक्रियाओं के कारण हुई देरी की जानकारी दी। इस पर श्री साहू ने संबंधित अधिकारियों को सभी बाधाओं का शीघ्र समाधान कर परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बाद में श्री साहू ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), आवासन एवं शहरी विकास निगम (हुडको) तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) के अधिकारियों के साथ पृथक समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्माण गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित परियोजनाओं के लिए सामान्य वित्तीय नियम एवं अन्य सरकारी खरीद प्रक्रियाओं के अनुरूप निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी बल दिया।
श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में आधुनिक, समावेशी एवं टिकाऊ शहरी अवसंरचना के निर्माण, बेहतर नागरिक सेवाओं तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और सभी शहरी विकास योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।