
बिलासपुर। स्वर्गीय फगनी देवी एवं चमन लाल यादव की पावन स्मृति में पहली बार पारिवारिक मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह का उद्देश्य देश के विभिन्न स्थानों में रह रहे परिवार के सदस्यों को एक मंच पर लाकर पारिवारिक एकता, संस्कार और आपसी प्रेम को सुदृढ़ करना था। इस आयोजन के मुख्य सूत्रधार फगनी देवी-चमन लाल यादव स्मृति सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव रहे, जिनके प्रयासों से यह ऐतिहासिक मिलन संभव हो सका। समारोह चार पीढिय़ों की एक साथ सहभागिता रही। कार्यक्रम में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 75 वर्ष तक के बुजुर्गों सहित परिवार के 200 से अधिक महिला-पुरुष और बच्चे शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय फगनी देवी और चमन लाल यादव के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। परिवार के वरिष्ठजनों का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया। भावुक माहौल में बुजुर्गों ने नई पीढ़ी को एकजुट रहने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और पारिवारिक मूल्यों को संजोए रखने का संदेश दिया। उन्होंने अपने संघर्षों और पूर्वजों की प्रेरणादायक जीवन यात्रा भी साझा की। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। चिल्हाटी, मस्तूरी, कोटा और मुंगेली से आए बांस गीत कलाकारों ने यादव समाज के ऐतिहासिक वीर पात्रों की गाथाओं का गायन प्रस्तुत कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं पूरे परिवार ने एक साथ बैठकर सामूहिक भोज का आनंद लिया, जिससे पुराने रिश्ते और यादें फिर से जीवंत हो उठीं। समारोह के अंतिम सत्र में प्रख्यात समाजसेविका श्रीमती फूलबासन यादव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कृषक कार्य प्रांत प्रमुख उत्तर यादव, यादव समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रामचंद्र यादव तथा शंकर यादव सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ऐसे पारिवारिक मिलन समारोह समाज को जोडऩे और संस्कारों को जीवित रखने का प्रभावी माध्यम हैं। चार पीढय़िों का एक साथ उपस्थित होना अपने आप में अनुकरणीय उदाहरण है। इस अवसर पर डॉ. सोमनाथ यादव ने कहा कि सोच सदैव नई रखो, परंतु पुराने संस्कारों का अस्तित्व कभी नष्ट मत होने देना। कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों ने हर सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया और इस पारिवारिक मिलन समारोह को प्रतिवर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया। समारोह का संचालन संतोष यादव ने तथा आभार प्रदर्शन सतीश यादव ने किया। कार्यक्रम में परिवार के अनेक सदस्य एवं विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह आयोजन पारिवारिक एकता, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।