
बिलासपुर। बारिश का मौसम शुरू होते ही मोपका-सीपत क्षेत्र में बिजली के खुले और असुरक्षित खंभों से करंट का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे भारी वाहनों की चपेट में आकर मवेशियों की मौत का सिलसिला भी लगातार जारी है। एक सप्ताह के भीतर करंट लगने और सड़क हादसों में कई मवेशियों की मौत के बाद भी जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बुधवार को सीपत क्षेत्र के ग्राम मटियारी के शिकारी मोहल्ले में बिजली के खंभे से करंट की चपेट में आने से एक मवेशी की मौत हो गई। इससे कुछ दिन पहले मोपका के पास भी करंट की चपेट में आने से दो मवेशियों की मौत हुई थी। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद बिजली विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। मोपका में हुए हादसे के बाद बिजली विभाग के ईडी एके अम्बस्ट से मामले को लेकर चर्चा की गई थी। उन्होंने जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की बात कही थी। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल जागरूकता अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। बारिश के दौरान बिजली खंभों, तारों और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच जरूरी है। सीपत भाजयुमो अध्यक्ष वैभव तम्बोली का कहना है कि बारिश के मौसम में बच्चे और ग्रामीण इन इलाकों से होकर गुजरते हैं। यदि समय रहते बिजली खंभों और खुले करंट वाले स्थानों की जांच नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
सीपत क्षेत्र में राखड़ और कोयले से लदे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। बारिश के दिनों में सड़क किनारे मवेशियों का जमावड़ा बढ़ जाता है। ऐसे में तेज रफ्तार और लापरवाही से दौड़ रहे ट्रेलर व अन्य भारी वाहन मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। दो दिन पहले ही सीपत क्षेत्र में ट्रेलर वाहनों की चपेट में आने से तीन मवेशियों की मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र के गौसेवकों और ग्रामीणों में आक्रोश है।
गौसेवक रविकांत राजवाड़े ने कहा कि सीपत क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के साथ-साथ तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेजुबान मवेशियों की मौत के बाद भी यदि जिम्मेदार विभाग और प्रशासन नहीं चेता तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं गौसेवक दीपक पांडेय ने कहा कि क्षेत्र में हादसों के पीछे नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, शराब के नशे में ड्राइविंग और तेज रफ्तार प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारी वाहनों की रफ्तार, नशे में वाहन चलाने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक नहीं लगाई गई तो गौसेवकों और क्षेत्रवासियों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों और गौसेवकों ने बिजली विभाग से बारिश के दौरान बिजली खंभों और तारों की विशेष जांच कराने तथा प्रशासन और परिवहन विभाग से भारी वाहनों की गति और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।