स्कूलों में औचक निरीक्षण से हड़कंप, वेतन कटौती के निर्देश


बिलासपुर। शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ए.के. भारद्वाज ने गुरुवार को तखतपुर विकासखंड के विभिन्न शासकीय स्कूलों और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित मिले शिक्षकों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। संयुक्त संचालक ने शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमसेना, शासकीय हाई स्कूल कुरेली, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखासार और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तखतपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की नियमितता, मध्यान्ह भोजन और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमसेना में साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। वहीं मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। शासकीय हाई स्कूल कुरेली और शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखासार के निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक और कर्मचारी बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित मिले। संयुक्त संचालक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और नियमानुसार अनुपस्थित अवधि का वेतन काटने के निर्देश दिए। विद्यालयों की शैक्षणिक और प्रशासनिक मॉनिटरिंग में कमी पाए जाने पर संस्था प्रमुखों को भी फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए।

संयुक्त संचालक ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तखतपुर का निरीक्षण कर सेवा पुस्तिकाओं के संधारण, लंबित पेंशन प्रकरणों, मध्यान्ह भोजन योजना, बायोमेट्रिक उपस्थिति और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की। अभिलेखों के संधारण और कार्यों में कमियां पाए जाने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।

संयुक्त संचालक ए.के. भारद्वाज ने सभी संस्था प्रमुखों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने, पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरण शेष है, उसे शीघ्र पूरा करने को कहा गया। वहीं शासकीय हाई स्कूल कुरेली में साइकिल वितरण तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

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